रिजर्व बैंक की नीति से विकास धीमा: फिक्की

फिक्की ने 'स्लोडाउन इन इंडस्ट्रियल ग्रोथ एंड इट्स पालिसी इंप्लीकेशंस' नामक अपने अध्ययन में कहा, "आरबीआई द्वारा अपनाई गई कड़ी मौद्रिक नीतियों के कारण औद्योगिक विकास की गति में गिरावट आई और यह मार्च 2007 के 14.8 फीसदी से गिरकर मार्च 2008 में तीन फीसदी हो गई।"
अध्ययन में कहा गया है कि बढ़ती ब्याज दरों और रुपये की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते औद्योगिक प्रदर्शन में रुकावट आई और वर्ष 2007-08 में देश अपने निर्यात के लक्ष्यों से 5 अरब डालर पीछे रह गया।
अध्ययन में बताया गया है कि कैसे विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां कच्चे माल और तेल की बढ़ती कीमतों का सामना कर रही हैं।
फिक्की ने इन परिस्थितियों के हल के लिए आरबीआई की मौद्रिक नीति के पुनरीक्षण की मांग की है। उसने कहा है कि उच्च औद्योगिक विकास दर को बनाए रखने के लिए ब्याज दरों में कटौती की जाए। फिक्की ने यह भी कहा है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्च र (आधारभूत संरचना), इस्पात, सीमेंट, खनन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में आने वाले गतिरोधों को दूर करने की व्यवस्था करे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications