पूर्वोत्तर का पहला सेज मिजोरम में

मुख्यमंत्री ने इस संबंध में पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मामलों के मंत्री मणिशंकर अय्यर के साथ भी चर्चा की थी। उन्होंने कहा, "मणिशंकर अय्यर के साथ हमारी बातचीत सकारात्मक रही। वे इस मुद्दे पर केंद्रीय वित्त मंत्री और उद्योग मंत्री से बातचीत करेंगे।"
उन्होंने कहा कि सेज के संबंध में एनईसी को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेज की स्थापना से राज्य में रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा, "सेज का मुख्य उदेश्य प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को आकर्षित करना है। हमें आशा है कि थाईलैंड, बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया और मलेशिया से यहां निवेश किया जाएगा।"
मुख्यमंत्री जोरामथांगा ने कहा, "मिजोरम में साक्षरता दर 88.49 फीसदी है। यहां आर्थिक विकास की धीमी रफ्तार का कारण वित्तीय कार्यक्रमों की कमी है।" माना जा रहा है कि प्रस्तावित सेज में राज्य के प्रमुख बांस आधारित उद्योग का मुख्य योगदान रहेगा। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अनुसार देश के कुल बांस उत्पादन में मिजोरम का योगदान 14 फीसदी है।
राज्य सरकार बांग्लादेश की एक कागज निर्माता कंपनी के साथ पहले ही समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कर चुकी है। समझौते के अनुसार बांग्लादेशी कंपनी को मिजोरम बांस उत्पाद मुहैया कराएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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