मुशर्रफ, नए शासकों से मुलाकात करेंगे प्रणब

दोनों देशों के बीच हो रही इस चौथे दौर की बातचीत में आपसी विश्वास बहाली के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर जोर दिया जाएगा। एक सूत्र के मुताबिक पाकिस्तान की नई लोकतांत्रिक सरकार अपने सबसे बड़े पड़ोसी देश के साथ संबंधों को मजबूत करना चाहती है।
भारतीय विदेश सचिव शिवशंकर मेनन सोमवार की रात यहां पहुंचे। आज उनकी पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर के साथ बातचीत होनी है। विदेश मंत्री मुखर्जी मंगलवार की शाम यहां
आएंगे और राष्ट्रपति मुशर्रफ, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता नवाज शरीफ, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के प्रमुख आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से अलग-अलग मुलाकात करेंगे।
पाकिस्तानी समाचार पत्र 'द नेशन' ने सूत्रों के हवाले से कहा, "मुखर्जी जानना चाहेंगे कि पाकिस्तान के साथ हो रही शांति वार्ता में आखिर अंतिम निर्णय किसका होगा? राष्ट्रपति मुशर्रफ का या फिर प्रधानमंत्री गिलानी का।"
एक भारतीय अधिकारी ने बताया कि पीपीपी प्रमुख जरदारी से मुखर्जी की भेंट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह सत्तारुढ़ गठबंधन का नेतृत्व कर रहे दल के मुखिया हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद सादिक ने कहा, "दोनों मंत्रियों के बीच होने वाली बैठक आपसी बातचीत के चौथे दौर के दौरान पूर्व की उपलब्धियों का आंकलन करने में मदद करेगी। इससे विभिन्न मुद्दों पर आगे बातचीत का मार्ग प्रशस्त होगा।"
गौरतलब है कि पिछली वार्ताओं के विपरीत इस बार दोनों देशों के बीच हो रही बातचीत को स्थानीय समाचार पत्रों द्वारा बहुत अधिक महत्व नहीं दिया जा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस


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