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शेयर बाजार वैश्विक संकेतों से तय करेंगे दिशा

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    नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। घरेलू शेयर बाजार आने वाले सप्ताह मुख्यतया वैश्विक रुझानों के आधार पर रुख तय करेंगे। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार तकरीबन सभी प्रमुख घरेलू कंपनियों के वित्तीय नतीजे आ चुके हैं, इसलिए निवेशकों की निगाहें अमेरिकी पूंजी बाजारों पर होगी। आने वाले सप्ताह के दौरान 4 कारोबारी दिवस ही होंगे। घरेलू शेयर बाजार सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बंद रहेंगे।

    नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। घरेलू शेयर बाजार आने वाले सप्ताह मुख्यतया वैश्विक रुझानों के आधार पर रुख तय करेंगे। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार तकरीबन सभी प्रमुख घरेलू कंपनियों के वित्तीय नतीजे आ चुके हैं, इसलिए निवेशकों की निगाहें अमेरिकी पूंजी बाजारों पर होगी। आने वाले सप्ताह के दौरान 4 कारोबारी दिवस ही होंगे। घरेलू शेयर बाजार सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बंद रहेंगे।

    वैश्विक बाजारों से इतर कच्चे तेल की कीमत, डालर की तुलना में रुपये की स्थिति और महंगाई आंकड़ों से भी निवेशकों को संकेत हासिल होंगे। फिलहाल निवेशक रिकार्ड महंगाई के मद्देनजर सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने संवाददाताओं से बातचीत में शुक्रवार को कहा कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण के लिए और वित्तीय व प्रशासनिक कदम उठाने पर विचार कर रही है।

    केंद्रीय सांख्यिकीय ब्यूरो (सीएसओ) से सप्ताहांत में जारी थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित आंकड़ों के अनुसार 3 मई को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान देश में महंगाई दर बढ़कर 7.83 फीसदी की ऊंचाई तक पहुंच गई। नवंबर 2004 के बाद महंगाई दरों में यह सर्वाधिक वृद्धि है। गत 26 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान महंगाई दर 7.61 फीसदी थी। ठीक एक साल पहले समान अवधि के दौरान यह दर 5.74 फीसदी थी।

    महंगाई आंकड़ों में रिकार्ड वृद्धि की वजह से रुपया सप्ताहांत कारोबार के दौरान डालर के मुकाबले पिछले 13 महीनों के नए न्यूनतम स्तर यानी 42.92 रुपये प्रति डालर दर्ज किया गया। निर्यातकों द्वारा कारोबार के अंतिम सत्र में डालर की बिकवाली से हालांकि रुपये में रिकवरी आई और यह सप्ताहांत 42.53 रुपये प्रति डालर बंद हुआ। मार्च 2007 में रुपया 43.47 रुपये प्रति डालर तक नीचे चला गया था। वर्ष 2008 में रुपया डालर के मुकाबले 8.2 फीसदी गिर चुका है।

    कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, महंगाई दर में वृद्धि और पूंजी के अंतर्प्रवाह में कमी को रुपये की कीमतों में नरमी के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। वर्ष की शुरुआत से विदेशी संस्थागत निवेशक अभी तक कुल (14 मई) 10,887.20 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं।

    न्यूयार्क मर्के टाइल एक्सचेंज (नाइमेक्स) के इलेक्ट्रानिक ट्रेडिंग में सप्ताहांत कारोबार के दौरान तेल 127.82 डालर प्रति बैरल के उच्चतम स्तर तक चला गया।

    मुंबई स्टाक एक्सचेंज (बीएसई )का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सप्ताहांत 122.87 अंकों की तेजी से 17,476.41 के स्तर पर खुला और 17,315.52 और 17,497.36 के न्यूनतम और उच्चतम स्तर के बीच कारोबार करते हुए अंतत: 81.40 अंक यानी 0.47 फीसदी की तेजी से 17,434.94 के स्तर पर बंद हुआ।

    राष्ट्रीय शेयर बाजार (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी सप्ताहांत कारोबार की समाप्ति पर 42.45 अंक यानी 0.83 फीसदी की मजबूती से 5,157.70 के स्तर पर दर्ज किया गया।

    बीएसई के मिडकैप व स्मालकैप सूचकांकों में भी सप्ताहांत तेजी देखने को मिली। मिडकैप सूचकांक जहां 49.45 अंक यानी 0.70 फीसदी चढ़कर 7,129.70 के स्तर पर बंद हुआ वहीं, स्मालकैप सूचकांक 73.85 अंक यानी 0.86 फीसदी की मजबूती से 8,620.26 के स्तर पर देखा गया।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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