जयपुर विस्फोट : विश्व समुदाय ने की धमाकों की निंदा (राउंड अप)
नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। गुलाबी शहर के नाम से मशहूर राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार शाम हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की विश्व भर में निंदा हुई है। इन धमाकों में साठ से अधिक लोग मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए हैं।
अमेरिका ने विस्फोटों की कड़ी निंदा करते हुए जांच में मदद करने की पेशकश की है। अमेरिकी राजदूत डेविड मलफर्ड ने इस संबंध में आज भारतीय विदेश सचिव शिवशंकर मेनन से मुलाकात की।
मेनन और मलफर्ड के बीच चली आधे घंटे के बातचीत के बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत में मलफर्ड ने कहा, "हमने भारत सरकार से विस्फोट की जांच में सहायता करने की पेशकश की है।"
उधर, मेनन ने कहा, "जयपुर हादसे की हम जांच कर रहे हैं। जब हम किसी निर्णय पर पहुंचेंगे तो हम देखेंगे कि इसका सूत्र क्या है, इसकी जड़े कहां है, यह कहां से आया है, यह कैसे हुआ, इसके बाद ही हम यह निर्णय लेंगे कि हम क्या कर सकते हैं।"
ब्रिटेन ने भी विस्फोटों की कड़ी आलोचना की है। उसने कहा है कि आतंकवाद के विरूद्ध लड़ाई में वह भारत के साथ है।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलीबैंड ने कहा, "जयपुर में हुए बम धमाकों से एक बार फिर आतंकवाद का भयावह चेहरा सामने आया है।"
उन्होंने कहा, "विस्फोट में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसे कोई भी जायज नहीं ठहरा सकता। मैं जयपुर में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं।"
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह भारत के साथ है। ब्रिटेन हमेशा ही आंतकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत सरकार और वहां की जनता के साथ खड़ा रहा है।
पड़ोसी देश बांग्लादेश ने जयपुर शहर में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की कड़ी निंदा की है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री इफ्तिखार अहमद चौधरी ने कहा, "यह एक बेहद शर्मनाक घटना है जिसकी कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए।"
उन्होंने कहा, "इस घटना के शिकार लोगों के प्रति हमें पूरी हमदर्दी है। ऐसा घिनौना कार्य केवल आतंकवादी ही कर सकते हैं।"
उल्लेखनीय है कि भारतीय मीडिया की कुछ रिपोर्टो में इस घटना के पीछे बांग्लादेश स्थित उग्रवादी संगठन हूजी का हाथ होने की संभावना व्यक्त की गई है।
इस विषय में चौधरी ने कहा, "मीडिया को धमाकों के विषय में किसी न्यायिक जांच से पहले निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।"
आस्ट्रेलिया ने धमाकों की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक, सहनशील और खुले समाज के विरूद्ध हमला करार दिया। आस्ट्रेलिया ने भारत जाने वाले पर्यटकों को सलाह दी है कि आतंकवादी कार्रवाई के मद्देनजर वह एहतियात बरतें। साथ ही जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों की वह यात्रा न करें तो अच्छा है।
इजरायल की ओर से भी जयपुर बम धमाकों की निंदा की गई है। राजधानी दिल्ली स्थित इजरायली दूतावास द्वारा जारी वक्तव्य में कहा गया, "जयपुर में हुए विस्फोटों की हम कठोर से कठोर शब्दों में निंदा करते हैं और विस्फोट के शिकार लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।"
इजरायल ने कहा कि इस प्रकार के आतंकवादी हमले को कोई भी सभ्य समाज किसी भी परिस्थिति में जायज नहीं ठहरा सकता है। उसने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आंतकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए एकजुट होने की अपील की।
कनाडा ने भी विस्फोटों की निंदा की है। राजधानी स्थित कनाडाई उच्चायोग ने विदेश मंत्री मैक्सिम बर्निएर के हवाले से कहा है, "जयपुर में हुए विस्फोट में निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया गया। इस हिंसक कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के प्रति समर्थन व्यक्त किया है। यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्लाह बिन जायेद अल नाहयान ने कहा, "यूएई जयपुर में हुए धमाकों की जोरदार निंदा करता है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के प्रयासों का पूरा समर्थन करता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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