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नए राजनैतिक घटनाक्रम से जरदारी के बजाए शरीफ को अधिक लाभ

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    इस्लामाबाद , 14 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के नए राजनैतिक घटनाक्रम से आसिफ अली जरदारी की तुलना में नवाज शरीफ को अधिक लाभ मिला है।

    राजनैतिक विश्लेषकों के अनुसार इस्लामाबाद, मुरी, दुबई और लंदन में हुई कई दौर की वार्ता के बाद शरीफ पाकिस्तान के सबसे चतुर राजनेता के तौर पर उभर कर सामने आए हैं।

    राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा बर्खास्त न्यायाधीशों की बहाली के मुद्दे पर गठबंधन सरकार से अपने मंत्रियों को वापस बुलाने के बावजूद पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) सरकार को समर्थन जारी रखकर वह बड़ी चतुराई से मुशर्रफ समर्थकों को सत्ता से बाहर रखने में सफल हो गए हैं।

    इसके बदले में पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री की कुर्सी उनके छोटे भाई शहबाज शरीफ के लिए सुरक्षित हो गई है।

    नवाज ने राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को अलग-थलग करने के लिए अपने विरोधी मुस्लिम लीग-कायद (पीएमएल-क्यू) के नेता चौधरी शुजात हुसैन और उनके चचेरे भाई चौधरी परवेज इलाही के साथ संबंध सुधारने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

    पीएमएल-क्यू नेता नवाज की पार्टी के ही अंग थे लेकिन 1999 में मुशर्रफ द्वारा सत्ता हथियाए जाने के बाद वे शरीफ से अलग हो गए।

    मुशर्रफ ने 2002 के आम चुनावों में पीएमएल-क्यू का खुला समर्थन किया था जिससे वह सत्ता में आने में सफल हो गई थी।

    न्यायाधीशों की बहाली के मुद्दे पर मंत्रिमंडल से बाहर आने का निर्णय लेकर जहां नवाज शरीफ आम जनता के बीच यह संदेश देने में सफल रहे कि उनका पीपीपी के साथ कोई गुप्त समझौता नहीं है वहीं दूसरी ओर आसिफअली जरदारी को राजनैतिक खलनायक साबित करने की कोशिश भी की है।

    इस समय शरीफ का राजनीतिक मकसद मुशर्रफ को सत्ता से दूर कर उनको पूरी तरह अलग-थलग करना है। अपने प्रयास में वह काफी हद तक सफल दिखाई दे रहे हैं।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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