मोस्ट वांटेड नक्सली नेता के बयान से पुलिस महकमे की नींद उड़ी
पटना/रांची, 14 मई (आईएएनएस)। झारखंड के धनबाद जिले के विनोद नगर से गिरफ्तार किए गए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी (भाकपा-माओवादी)के शीर्ष नेता प्रमोद मिश्रा उर्फ बिहारी मिश्रा ने जो बयान दिए हैं उससे पुलिस महकमे की नींद उड़ गई है। झारखंड व बिहार के मोस्ट वांटेड इस नक्सली नेता ने अपने बयान में कहा था कि नक्सली गतिविधियों का विस्तार अब पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में हो रहा है।
तीन लाख के इनामी बिहारी मिश्रा ने झारखंड पुलिस अधिकारियों के समक्ष दिए गए मंगलवार को अपने बयान में इस बात को भी स्वीकारा कि पहले वह बिहार में नक्सली गतिविधियों का संचालन करता था। हाल ही में उसे झारखंड राज्य में नक्सली गतिविधियों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उसने यह भी बताया कि वह नक्सलियों द्वारा नेपाल व आंध्र प्रदेश में चलने वाले प्रशिक्षण शिविरों में भाग ले चुका है।
बिहार पुलिस को मिश्रा की 25 वषरें से तलाश थी। इस माओवादी नेता पर बिहार में लगभग चार दर्जन नक्सली हमलों में संलिप्त होने का आरोप है। कई हमले तो इसमें सामूहिक नरसंहार के हैं।
झारखंड के पुलिस महानिदेशक बी. डी. राम ने उक्त नक्सली नेता की गत 11 मई को हुई गिरफ्तारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे बिहार व झारखंड में नक्सलियों का मनोबल टूटेगा। उन्होंने कहा कि नक्सली नेता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने एक रणनीति तैयार की थी। इसमें बिहार व झारखंड के खुफिया विभाग के आला अधिकारियों को शामिल किया गया था।
झारखंड पुलिस को पता चला था कि मिश्रा का पुत्र रांची में रहता है। पुलिस ने सबसे पहले प्रमोद के पुत्र सुधीर को गिरफ्तार किया। अपने पुत्र के बारे में जानकारी लेने के लिए मिश्रा अपने रिश्तेदार के यहां धनबाद आए थे और वहीं पुलिस के हाथों चढ़ गए।
पुलिस महानिदेशक राम ने बताया कि मिश्रा को नक्सलियों के थिंक-टैंक के रूप में जाना जाता है। संगठन में गणपति के बाद केन्द्रीय स्तर पर प्रमोद दूसरा शीर्ष नेता है और वह माओवादी संगठन में केन्द्रीय स्तर का प्रमुख रणनीतिकार भी है। उन्होंने बताया कि प्रमोद को नक्सली गतिविधियों के संचालन के लिए जम्मू कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली एवं पंजाब राज्य का भी प्रभारी बनाया गया था।
बिहार के औरंगाबाद जिले में रफीगंज थाना के कसमा गांव निवासी प्रमोद को झारखंड के धनबाद के न्यायिक दंडाधिकारी दीपक कुमार की अदालत में मंगलवार को पेश किया गया। यहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में धनबाद जेल भेज दिया गया। सूत्रों का कहना है कि जहानाबाद जेल ब्रेक कांड का मास्टर माइंड होने के कारण जेल में इसे विशेष सेल में रखा गया है।
उधर, बिहार के आरक्षी महानिरीक्षक (अभियान) एस. के. भारद्वाज ने बताया कि राज्य पुलिस प्रमोद को रिमांड पर लेकर यहां पर लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए बिहार एसटीएफ की एक विशेष टीम धनबाद गई है। अदालत का आदेश मिलने पर प्रमोद को बिहार लाया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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