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    बढ़ती महंगाई के कारण 10 करोड़ और लोग होंगे कुपोषण के शिकार : यूनीसेफ

    By Staff
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    नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। विश्व में खाद्यानों की आसमान छूती कीमतों के कारण भारत सहित दुनिया के 10 करोड़ और लोग कुपोषण का शिकार हो सकते हैं। यह कहना है संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ) का।

    नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। विश्व में खाद्यानों की आसमान छूती कीमतों के कारण भारत सहित दुनिया के 10 करोड़ और लोग कुपोषण का शिकार हो सकते हैं। यह कहना है संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ) का।

    यूनीसेफ के अनुसार बढ़ती महंगाई का खतरा महिलाओं और बच्चों पर सबसे अधिक पड़ने वाला है। आईएएनएस से ई-मेल पर बातचीत में एक अधिकारी ने इसे 'बड़ी आपादा' करार देते हुए इसकी तुलना 'सुनामी' से की।

    संयुक्त राष्ट्र के इस संगठन के अनुसार पिछले साल चावल की कीमतों में दोगुनी से अधिक वृद्धि हुई, वहीं गेहूं के मूल्य में 130 फीसदी का इजाफा हुआ।

    यूनीसेफ के अनुसार खाद्य पदार्थो की कीमतों में एक प्रतिशत की वृद्धि से विश्व में कुपोषण के शिकार लोगों की संख्या में 1.60 करोड़ की वृद्धि होती है।

    यूनीसेफ के अनुसार वर्तमान में महंगाई की जो दर है उसके अनुसार वर्ष 2025 तक 1.2 अरब लोग भुखे रहने पर मजबूर होंगे।

    देश में स्थित यूनीसेफ कार्यालय के अनुसार खाद्य पदार्थो की कीमतों में भारी उछाल से यहां लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं जिससे कुपोषण से शिकार लोगों की संख्या बढ़ सकती है। गौरतलब है कि भारत में पांच वर्ष से कम आयु के 46 फीसदी बच्चे कुपोषण का शिकार हैं।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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