जरदारी व शरीफ में निपटारे को पहुंचे बाउचर

दोनों पार्टियों ने इस खबर का न तो खंडन किया है और न ही पुष्टि की है। उधर मीडिया में आई रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बाउचर के लंदन दौरे के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की है।
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक पाकिस्तान में सत्तारूढ़ गठबंधन के दो बड़े सहयोगी दलों पीपीपी और पीएमएल-एन के बीच बर्खास्त न्यायाधीशों की बहाली के मसले पर मतभेद अभी भी कायम हैं।
उधर, नवाज शरीफ के छोटे भाई और पीएमएल-एन प्रमुख शहबाज शरीफ ने जिओ टेलीविजन चैनल को बताया कि पीएमएल-एन और पीपीपी के बीच जारी वार्ता में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। शहबाज के अनुसार ,"गेंद अब पीपीपी के पाले में है।"
वार्ता में भाग लेकर स्वदेश लौटे पीएमएल-एन नेता चौधरी नासिर अली खान ने इस मसले पर कहा, "हम नौकरशाही की पिछलग्गू न्यायपालिका का समर्थन नहीं कर सकते।"
चौधरी ने कहा कि नवाज शरीफ सोमवार को स्वदेश लौट रहे हैं और उसी दिन पार्टी की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
नवाज शरीफ की मांग है कि 12 मई तक बर्खास्त न्यायाधीशों की बहाली का प्रस्ताव संसद से पारित कराया जाए।
इस बीच पीपीपी के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर ने गतिरोध के समाचारों को गलत बताते हुए कहा कि वार्ता में प्रगति हुई है और उम्मीद है कि मसला सुलझ जाएगा।
बाबर ने कहा कि शनिवार रात हुई वार्ता में न्यायाधीशों की बहाली और न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद कम हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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