• search

बना रहेगा शेयर बाजार पर दबाव

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi
Sensex
नई दिल्ली, 10 मई: महंगाई और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के मद्देनजर आने वाले सप्ताह के दौरान भी घरेलू शेयर बाजारों पर दबाव के बने रहने की संभावना है। वैश्विक पूंजी बाजारों में सप्ताहांत आई गिरावट, चीन में सोमवार को जारी होने वाले महंगाई व घरेलू औद्योगिक उत्पादन आंकड़े भी घरेलू शेयर बाजारों को दिशा प्रदान करेंगे।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निवेशकों को सबसे ज्यादा इंतजार 12 मार्च को मार्च महीने के लिए जारी होने वाले औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों की होगी। फरवरी के दौरान औद्योगिक उत्पादन दर में 8.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि विभिन्न कंपनियों के वित्तीय परिणाम अनुमान के मुताबिक रहे हैं इसलिए निवेशक अगले सप्ताह रुख तय करने के लिए वैश्विक पूंजी बाजारों, महंगाई आंकड़ों व बचे हुए कंपनियों के वित्तीय परिणामों पर निगाह रखेंगे। ज्यादातर प्रमुख कंपनियां अपने वित्तीय नतीजों को हालांकि जारी कर चुकी है।

आने वाले सप्ताह के दौरान यूनीकेम लेबोरेटीज, इंडिया बुल्स, रीयल एस्टेट, ब्लू स्टार, गेल, पीएनबी, वोल्टास, सेल, बैंक आफ इंडिया व इंडियन बैंक के वित्तीय नतीजे जारी होंगे। समीक्षकों के अनुसार महंगाई को काबू में करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जाने वाले उपायों का भी शेयर बाजार पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।

इस बीच केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार 26 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान देश में महंगाई दर बढ़कर 42 महीनों के उच्चतम स्तर यानी 7.61 फीसदी के स्तर पर बरकारार रही। गत 19 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान देश में महंगाई दर 7.57 फीसदी थी।

इस्पात कंपनियों द्वारा कीमतों में 4 हजार रुपये प्रति टन तक की कटौती और चना, रबर, सोया तेल व आलू के वायदा कारोबार पर रोक के बाद निवेशकों को सीमेंट कंपनियों द्वारा कीमतों के संबंध में उठाए जाने वाले कदम का इंतजार है।

इस्पात कंपनियों की तर्ज पर विभिन्न सीमेंट कंपनियां भी सरकार को कीमतों में कटौती करने का आश्वासन दे चुकी है। सरकार के निर्देश पर फारवर्ड मार्केट कमीशन (एफएमसी) द्वारा चार जिसों के वायदा कारोबार पर रोक से भी पूंजी बाजार पर प्रभाव का पड़ना तय है।

उधर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के अगले सप्ताह थमने के आसार कम ही हैं। कीमतो में तेजी की स्थिति में शेयर बाजारों पर दबाव बना रहेगा। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से रुपये की तुलना में डालर और मजबूत होगा।

आलोच्य सप्ताह के दौरान रुपये की तुलना में डालर पिछले एक वर्ष के उच्चतम स्तर पर चला गया। रुपये में कमजोरी से हालांकि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों पर सकारात्मक असर होगा लेकिन कुल मिलाकर अन्य क्षेत्रों पर इसके प्रभाव नकारात्मक ही होंगे।

न्यूयार्क मर्के टाइल एक्सचेंज (नाइमेक्स) में सप्ताहांत कारोबार के दौरान तेल का जून वायदा 126.25 डालर प्रति बैरल के उच्चतम स्तर तक चला गया। लंदन के आईसीई वायदा में भी सप्ताहांत ब्रेंट क्रूड का जून वायदा 125.25 डालर प्रति बैरल के उच्चतम स्तर पर दर्ज किया गया।

वैश्विक रुख के लिए निवेशक अमेरिका से जारी होने वाले विभिन्न कंपनियों के वित्तीय नतीजों, आर्थिक आंकड़ों व डालर पर निगाह रखेंगे। यूरोपीय सेंट्रल बैंक व बैंक आफ इंग्लैंड द्वारा गुरुवार की बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने की घोषणा के मद्देनजर डालर बास्केट की अन्य मुद्राओं की तुलना में सप्ताहांत कमजोर रहा।

यूरोपीय सेंट्रल बैंक व बैंक आफ इंग्लैंड दोनों ने ब्याज दर को क्रमश: 4 और 5 फीसदी के स्तर पर बरकरार रखा है। अमेरिका से सप्ताहांत जारी अनुमान से बेहतर व्यापार आंकड़ों से हालांकि डालर को मामूली सहारा मिला, बावजूद नरमी बरकरार रही।

मुंबई स्टाक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सप्ताहांत 17,020.79 के स्तर पर खुला और 16,678.94 और 17,125.95 के निम्नतम और उच्चतम स्तर के बीच कारोबार करते हुए अंतत: 343.58 अंक यानी 2.01 फीसदी गिरकर 16,737.07 के स्तर पर बंद हुआ।

राष्ट्रीय शेयर बाजार (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी सप्ताहांत कारोबार के दौरान 4,969.40 और 5,087.65 के बीच कारोबार करते हुए 99.1 अंक यानी 1.95 फीसदी की कमजोरी से 4,982.60 के स्तर पर दर्ज किया गया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more