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न्यायधीशों की बहाली मुद्दे पर शरीफ व जरदारी आमने-सामने (लीड)

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    इस्लामाबाद/लंदन, 10 मई (आईएएनएस)। लंदन में हुई वार्ता के असफल हो जाने के बाद पाकिस्तान में नई सरकार के दो महत्वपूर्ण धड़ों के मुखिया आसिफ अली जरदारी व नवाज शरीफ के बीच राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा हटाए गए न्यायाधीश की बहाली को लेकर मतभेद मुखर हो गए हैं।

    इस मसले पर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता आसिफ अली जरदारी का कहना है कि वे इस मामले पर कुछ भी करने की स्थिति में नहीं हैं। उधर, पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज ने सरकार को चेताया है कि अगर मुशर्रफ द्वारा हटाए गए न्यायधीशों की फिर से बहाली नहीं होती वे गठबंधन सरकार से अलग हो जाएंगे।

    पाकिस्तान मुस्लिम लीग के एक नेता ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि इन न्यायधीशों को अगर सोमवार तक फिर से बहाल नहीं किया जाता है तो उनकी पार्टी मंत्रिमंडल से अलग हो जाएगी। बावजूद उनकी पार्टी सरकार से अपना समर्थन वापस नहीं लेगी।

    इस बीच जरदारी से अपनी बात के बाद शरीफ ने कहा कि उनकी पार्टी ने अभी मंत्रिमंडल छोड़ने का निर्णय नहीं लिया है।

    शरीफ ने कहा कि जरदारी ने विचार करने के लिए उनसे एक दिन का समय मांगा है, और हम मंगलवार से पहले कोई निर्णय नहीं लेंगे। शरीफ ने अपनी पार्टी की कार्यकारिणी समिति की बैठक सोमवार को इस्लामाबाद में बुलाई है।

    शरीफ ने यह स्प्ष्ट कर दिया कि न्यायाधीशों की बहाली की आखिरी समय सीमा सोमवार है, जबकि जरदारी मीडिया के सामने नहीं आए।

    गौरतलब है कि राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने सर्वोच्च और उच्च न्यायालयों के 60 न्यायाधीशों को नवंबर में आपातकाल लागू करने के बाद बर्खास्त कर दिया था।

    शरीफ अपनी पत्नी के घुटने के आपरेशन के कारण लंदन गए हैं।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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