भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
  • search

वायदा कारोबार पर रोक से इंदौर का एनबीओटी बंद होने की कगार पर

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली, 9 मई (आईएएनएस)। वायदा बाजार की नियामक संस्था फारवर्ड मार्केट कमीशन (एफएमसी)द्वारा चना, सोया तेल, रबर व आलू के वायदा कारोबार पर रोक की घोषणा से इंदौर स्थित देश का सबसे पुराना कमोडिटी एक्सचेंज नेशनल बोर्ड आफ ट्रेड (एनबीओटी) में कारोबार बंद होने की संभावना बढ़ गई है।

    नई दिल्ली, 9 मई (आईएएनएस)। वायदा बाजार की नियामक संस्था फारवर्ड मार्केट कमीशन (एफएमसी)द्वारा चना, सोया तेल, रबर व आलू के वायदा कारोबार पर रोक की घोषणा से इंदौर स्थित देश का सबसे पुराना कमोडिटी एक्सचेंज नेशनल बोर्ड आफ ट्रेड (एनबीओटी) में कारोबार बंद होने की संभावना बढ़ गई है।

    एफएमसी के चेयरमैन बी.सी. खटुआ के अनुसार सरकार के वायदा कारोबार पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय से सबसे ज्यादा इंदौर स्थित कमोडिटी एक्सचेंज नेशनल बोर्ड आफ ट्रेड (एनबीओटी) को जूझना होगा। खटुआ के मुताबिक इस एक्सचेंज में सिर्फ सोया तेल का कारोबार होता है और सरकार ने इसके वायदा कारोबार पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में एक्सचेंज को बंद करने के सिवाय और कोई रास्ता नहीं है।

    एफएमसी से जारी पाक्षिक रिपोर्ट के अनुसार 15 अप्रैल को समाप्त हुए पहले 15 दिनों के दौरान नायबाट का कुल टर्न ओवर पिछले महीने की समान अवधि की तुलना में 39.08 फीसदी गिरकर 2,390.48 करोड़ रुपये रह गया। साथ ही वाल्यूम भी समान अवधि के दौरान 50 फीसदी गिरकर 4 लाख 22 हजार 115 टन तक नीचे आ गया।

    उधर, सोयाबीन प्रोसेसर्स एसेसिएशन आफ इंडिया (सोपा) के अनुसार सरकार के निर्णय को किसी भी तरह से वाजिब करार नहीं दिया जा सकता।

    सोया तेल के वायदा कारोबार पर प्रतिबंध को समीक्षक भी बेतुका करार दे रहे हैं। उनके मुताबिक देश की कुल खाद्य तेल जरूरत का तकरीबन 50 फीसदी यानी 50 लाख टन विदेशों से आयात होता है। ऐसे में सरकार का कदम अप्रभावी होगा।

    कारोबारी इस मुद्दे पर कह रहे हैं कि सरकार द्वारा खाद्य तेलों पर जारी आयात कर में कटौती से लेकर समाप्ति के मद्देनजर सोया तेल की कीमतों में तकरीबन 20 रुपये प्रति लीटर तक की कमी आ चुकी है जबकि आयाातित सोया तेल की कीमत तकरीबन 60 रुपये प्रति लीटर पड़ती है। इसलिए सरकार के ये उपाय प्रभावी होंगे, इसकी आशा कम ही है।

    बाजार समीक्षकों की राय है कि सरकार कीमतों पर नियंत्रण के लिए खाद्य तेलों के बफर स्टाक की व्यवस्था पर विचार करे और देश में तिलहन के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दे।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more