तबला सम्राट पं. किशन महाराज नहीं रहे

चार दिन पहले 29 अप्रैल को पंडित जी को ब्रेन हेमरेज की शिकायत पर उन्हें एक निजी नर्सिंग होग में भर्ती कराया गया था। तब से उनकी हालत स्थिर बनी हुई थी।
किशन महाराज का इलाज कर रहे डाक्टर के. पी. सिंह ने कहा कि पंडित जी को शनिवार को वेंटिलेटर से हटा दिया गया था। शनिवार को उनका रक्तचाप और हार्टबीट भी लगभग सामान्य ही था। लेकिन उन्हें होश नहीं आ रहा था जिसके कारण खतरा टला नहीं था। डाक्टर बराबर उनके स्थास्थ्य पर नजर बनाए थे।
किशन महाराज का जन्म 1923 में हुआ था। उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है।
शास्त्रीय गायक छन्नू लाल मिश्रा ने रुंधे स्वरों में बताया कि किशन महाराज बिस्मिल्ला खां के बाद बनारस के आखिरी स्तंभ माने जाते थे। राजेश्वर आचार्य ने तो यहां तक कह दिया कि किशन महाराज को बनारस का संरक्षक माना जाता था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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