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महंगाई का भूत खाद्य तेल पर फिर से सवार

By Staff
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नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। महंगाई दर में फिर से हुई बढ़ोतरी से घरेलू खाद्य तेल बाजारों के अनिश्चितता के भंवर से निकलने की तैयारी पर पानी फिर गया है। पिछले 5 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान महंगाई दर में आई गिरावट, अभिजीत सेन के बयान और विभिन्न सरकारी उपायों के मद्देनजर कुछेक दिनों से खाद्य तेल बाजार पर छाए अनिश्चय के बादल छंटने शुरू हो गए थे।

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। महंगाई दर में फिर से हुई बढ़ोतरी से घरेलू खाद्य तेल बाजारों के अनिश्चितता के भंवर से निकलने की तैयारी पर पानी फिर गया है। पिछले 5 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान महंगाई दर में आई गिरावट, अभिजीत सेन के बयान और विभिन्न सरकारी उपायों के मद्देनजर कुछेक दिनों से खाद्य तेल बाजार पर छाए अनिश्चय के बादल छंटने शुरू हो गए थे।

बाजार समीक्षकों के अनुसार महंगाई दर में तेजी के साथ-साथ नकारात्मक वैश्विक रुझानों से भी बाजार की बेचैनी बढ़ी है। मलेशिया के वायदा बाजार बुरसा मलेशियन डेरीवेटिव्स (बीएमडी) में सप्ताहांत कच्चे पाम तेल का जुलाई वायदा 41 रिंगिट गिरकर 6,752 रिंगिट प्रति टन बंद हुआ। शुक्रवार को घरेलू बाजार बंद होने के समय शिकागो बोर्ड आफ ट्रेड (सीबोट) के इलेक्ट्रानिक ट्रेडिंग में भी सोया तेल का जुलाई वायदा 49 अंक नीचे था।

इससे पूर्व केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार 12 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान देश में महंगाई दर बढ़कर 7.33 फीसदी तक पहुंच गई। 5 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर 7.14 फीसदी थी। जबकि 29 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान महंगाई दर 7.41 फीसदी के रिकार्ड स्तर पर दर्ज की गई थी।

एग्री कमोडिटी विशेषज्ञ मीनाक्षी शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि महंगाई दर में वृद्धि से बाजार में फिर से इस बात की चर्चा छिड़ गई है कि सरकार कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए और कड़े कदम उठा सकती है।

महंगाई के आंकड़ें जारी होने के बाद आए प्रधानमंत्री के वक्तव्य से भी बाजार में अनिश्चितता को बढ़ावा मिला है। प्रधानमंत्री ने महंगाई मुद्दे पर वामदलों के साथ हुई बैठक के बाद कहा कि सरकार महंगाई की रोकथाम और खाद्यान्नों की सरकारी खरीद को प्रोत्साहित करने की दिशा में जरूरी पहल करने से पीछे नहीं हटेगी।

बाजार समीक्षकों के मुताबिक वायदा कारोबार पर गठित अभिजीत सेन आयोग की बैठक के बाद जारी बयान से बाजार इस बात के लिए आश्वस्त दिख रहा था कि सरकार अब खाद्य तेल के वायदा को प्रतिबंधित नहीं करेगी। लेकिन महंगाई में फिर से बढ़ोतरी ने वायदा पर प्रतिबंध लगाने की अटकलों को फिर से हवा देना शुरू कर दिया है।

घरेलू रुखों से इतर वैश्विक संकेत भी बाजार को फिर से उधेड़बुन में डाल रहे हैं। इंडोनेशिया, अर्जेटीना व चीन तीनों से जो संकेत मिल रहे हैं वह कुल मिलाकर नकारात्मक ही हैं। इंडोनेशिया में सरकार जहां निर्यात कर में कमी करने के बारे में विचार कर रही है वहीं अर्जेटीना में भी किसानों की मांग के मद्देनजर सोया तेल उत्पादन पर जारी करों में कटौती की संभावना को बल मिला है। इसी क्रम में चीन भी आगामी एक मई से देश में महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की सोच रहा है।

एनसीडीईएक्स में शुक्रवार को सोया तेल का मई वायदा 7.40 रुपये टूटकर 559.00 रुपये प्रति 10 किलो बंद हुआ। वहीं समान अवधि का सरसों सीड वायदा 6.00 रुपये टूटकर 523.50 रुपये प्रति 20 किलो बंद हुआ।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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