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जलवायु परिवर्तन पर भारत के रुख को संयुक्त राष्ट्र का समर्थन

By Staff
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सिंगापुर, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। जलवायु परिवर्तन पर भारत के रुख का समर्थन करते हुए संयुक्त राष्ट्र की संस्था ग्लोबल कांपेक्ट के कार्यकारी निदेशक जॉर्ज केल ने कहा है कि विकसित देशों की तरह उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं को भी उच्च जीवन स्तर बनाए रखने का अधिकार है।

सिंगापुर, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। जलवायु परिवर्तन पर भारत के रुख का समर्थन करते हुए संयुक्त राष्ट्र की संस्था ग्लोबल कांपेक्ट के कार्यकारी निदेशक जॉर्ज केल ने कहा है कि विकसित देशों की तरह उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं को भी उच्च जीवन स्तर बनाए रखने का अधिकार है।

ऐसा पहली बार हुआ है कि संयुक्त राष्ट्र के किसी पदाधिकारी ने सार्वजनिक रूप से ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन पर भारत के रुख का समर्थन किया है।

यहां 'बिजनेस फॉर इनवायरमेंट' सम्मेलन में केल ने आईएएनएस से कहा, "विश्व में नए उभरते देशों को भी विकसित देशों के समान जीवन जीने का अधिकार है। उनका यह सोचना सही है कि प्रदूषण पैदा करने के पैमाने भी एक से होने चाहिए।"

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जून 2007 में जर्मनी में जी 8 देशों की शिखर वार्ता में कहा था कि दुनिया भर में जलवायु पर्वितन के लिए जिम्मेदार ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन के पैमाने सभी के लिए एक से होने चाहिए।

गौरतलब है कि भारत हर साल 1.2 टन ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन करता है जबकि अमेरिका में यह मात्रा 20.6 टन है, जबकि वैश्विक स्तर औसतन चार टन के आसपास है।

यहां मौजूद ग्लोबल कांपेक्ट के सलाहकार क्लाडे फसलर ने केल से अपनी असहमति जताते हुए कहा, "मैं इस बात से सहमत नहीं हूं। इससे विकासशील देशों को कार्बन उत्सर्जन का बहाना मिल जाएगा।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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