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रोजगार करेंगे बिहार के भिखारी

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पटना, 18 अप्रैलः अगर आप बिहार आ रहे हैं और किसी धार्मिक या अन्य जगह पर भिखारियों को दान देने की इच्छा रखते हैं तो शायद आपकी यह इच्छा पूरी न हो। क्योंकि अब ये भिखारी भीख मांगने की जगह रोजगार से जुड़ने वाले हैं। राज्य में भिखारियों को रोजगार देने की कवायद सरकार ने शुरू कर दी है।

सरकार का मानना है कि राज्य में इन दिनों भिखारियों की संख्या काफी बढ़ गयी है। भिखारियों की जीवन स्तर ऊपर उठाने एवं उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं।

सरकार की इस सोच को अमलीजामा पहनाने के लिए समाज कल्याण विभाग भी कमर कस चुका है। समाज कल्याण विभाग ने इस दिशा में अपनी तैयारी शुरू करते हुए भिखारियों के सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

राज्य के नये समाज कल्याण मंत्री दामोदर रावत की माने तो कल तक भीख मांग कर गुजारा करने वाले भिखारी अब रोजगार कर अपने एवं अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकेंगे। मंत्री ने भीख मांगने को सामाजिक कोढ़ की संज्ञा देते हुए कहा कि इसे रोकने के लिए विभाग की तरफ से कई योजनाएं शुरू की जा रही हैं।

रावत के अनुसार प्रथम चरण में भिखारियों का सर्वे कराया जाएगा जिसका जिम्मा एक गैर सरकारी संगठन को दिया गया है। संगठन भिखारियों का पूरा ब्योरा तैयार कर सरकार को उपलब्ध करायेगा। इसके बाद उम्र के हिसाब से सरकार उन्हें रोजगार उपलब्ध करायेगी।

रावत ने बताया कि सरकार ने राज्य में पेंशन योजना से लाभान्वितों का दायरा भी बढ़ा दिया है। अब इस योजना का लाभ 18 लाख लोगों के बजाए 25 लाख लोग ले सकेंगे। रावत ने सुधार गृहों की दशा सुधारने एवं सशक्तिकरण के लिए भी अभियान चलाने की बात भी कही।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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