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राहुल भोपाल शताब्दी से दिल्ली रवाना (लीड-1)

By Staff
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झांसी, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। बुंदेलखंड की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान किसानों व युवाओं के दुख दर्द से खुद को जोड़ने वाली कवायदों को अंजाम देकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी आज दोपहर भोपाल-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

राहुल के लौटने के कार्यक्रम में आज अचानक रद्दोबदल कर दिया गया। वह अपने अंगरक्षकों के साथ भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस की एक्सीक्युटिव श्रेणी से दिल्ली के लिए रवाना हुए।

सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड के किसानों की समस्याओं के सिलसिले में तीन दिनों की बुंदेलखंड यात्रा पर निकले कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी आज न सिर्फ सड़कों पर उतरे बल्कि किसानों के हक की लड़ाई में बराबर के भागीदार भी बने।

शुक्रवार को झांसी के घिसौली सहित कई अन्य गांव के किसानों को लेकर राहुल मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे। वह गांव वालों के साथ मंडलायुक्त से मिलना चाहते थे मगर उन्हें ऐसा करने रोक दिया गया। अलबत्ता वह इसके विरोध में गांव वालों के साथ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।

राहुल का कहना था कि वह सभी गांव वालों के साथ मंडलायुक्त से मिलेंगे और राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (एनआरईजीए) के क्रियान्वयन में जारी गड़बड़ियों से उन्हें अवगत कराएंगे।

काफी देर तक चली हुज्जत के बाद राहुल गांधी को जाब कार्डधारियों के साथ मंडलायुक्त पी़ वी़ जगनमोहन से मिलने की अनुमति मिली। राहुल ने एनआरईजीए की स्थिति से जगनमोहन को अवगत कराया और कहा कि लोगों को न तो काम मिल रहा है और न ही भुगतान समय पर हो रहा है।

इस पर जगनमोहन ने भरोसा दिलाया कि वह हर बुधवार को किसी एक गांव का दौरा कर स्थितियों का परीक्षण करेंगे। राहुल गांधी के साथ तीन सौ से अधिक किसान थे और वे अपनी समस्याएं रह-रह कर गिना रहे थे।

करीब दो घंटे तक मंडलायुक्त कार्यालय गहमा-गहमी का अड्डा बना रहा। चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात रही और राहुल पूरे समय एक स्थान से दूसरी स्थान जाते रहे जिसके चलते मीडिया का पूरा हुजूम उनके पीछे दौड़ता रहा।

इससे पहले राहुल बांदा से सड़क मार्ग से झांसी पहुंचे और गांव वालों के साथ एक बस में सवार हो गए। मंडलायुक्त कार्यालय से पहले झोपड़ी बनाकर रहने वाले लोहारों के बीच भी वह जा पहुंचे। वहां झोपड़ी में कुछ वक्त उन्होंने लोहा पीटने वालों के बच्चों और महिलाओं के बीच बिताए और उनकी समस्याएं पूछीं।

बाद में राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा कि बुंदेलखंड के हालात बेहद खराब हैं और यहां के लोगों के लिए रोजगार जिंदगी और मौत का सवाल बन गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो एक माह बाद फिर वह बुंदेलखंड आएंगे।

तीन दिन बुंदेलखंड की सड़कों और गांवों में बिताने के बाद आज जब राहुल झांसी पहुंचे तो उन्होंने पत्रकारों से कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (एनआरईजीए) तो रोजगार की गारंटी है मगर यहां के लोगों को काम नहीं मिल रहा है।

रोजगार यहां के लोगों की जिंदगी और मौत से जुड़ गया है। उनका मानना है कि एक परिवार को कम से कम रोज 100 रुपये का काम मिलना चाहिए मगर ऐसा नहीं हो रहा है। अधिकारी मिलकर सब चट किए जा रहे हैं। गरीबों का पैसा अधिकारियों की जेब में जा रहा है।

राहुल ने आगे कहा कि बुंदेलखंड में पानी संकट गंभीर रूप ले चुका है। फसलें चौपट हो गई हैं और एनआरईजीए जैसी योजना का ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।

उन्होंने कहा, "बुन्देलखंड के हालातों को मैंने करीब से देखा है। अगर इसमें सुधार नहीं आया तो वे एक बार फिर इस इलाके में आएंगे।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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