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सूदबीज़ ने सिख कवच की नीलामी रद्द की

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Sikh
लंदन8 अप्रैल: सिख समुदाय के विरोध को देखते हुए नीलामीकर्ता सोदबीज़ ने 18वीं सदी के उस कवच की नीलामी रद्द कर दी है जिसे गुरु गोविंद सिंह का बताया जा रहा है।

नौ अप्रैल को होने वाली नीलामी को कवच के मौजूदा मालिक के अनुरोध पर रोक दिया गया है।

सोदबीज़ के प्रवक्ता साइमन वॉरेन ने एक बयान में कहा कि कवच के मालिक की इच्छा है कि उसे सिख समुदाय का ही कोई व्यक्ति खरीदे।

लंदन के नीलामीकर्ताओं ने इससे पूर्व दो अप्रैल को कहा था कि यह कवच पटियाला के राज घराने की हिफाजत में एक अन्य कवच से मिलता-जुलता है और यह सिखों के दसवें गुरु का नहीं है।

सोदबीज़ के इस बयान के बावजूद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रमुख सचिव ने गत सप्ताह कहा था, "कवच के बारे में विरोधाभासी बयानों से हमारी भावनाओं को ठेस लगी है।"

दिल्ली में एसजीपीसी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था, "यदि जरूरत पड़ी तो हम यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक संस्था) और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार गुटों को संपर्क करेंगे जिससे इस तरह के स्मृति चिन्हों की बिक्री पर रोक लगे।"

एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने भी सोदबीज़ को धमकी देते हुए कहा था, "यदि यह साबित हुआ कि उन्होंने इसे सिख समुदाय से भारी कीमत वसूलने के लिए ही नीलामी के लिए रखा था, तो हम उन पर गुरु महाराज का नाम इस्तेमाल करने पर मुकदमा करेंगे।"

गौरतलब है कि अनेक सिख संगठनों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी इस विषय में हस्तक्षेप के लिए आग्रह किया था। इस संगठनों ने लंदन स्थित भारतीय दूतावास को भी इस विषय में पत्र लिखे थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसजीपीसी ने लंदन स्थित अपने दो अधिकारियों को कवच की असलियत पता करने को कहा था। लंदन स्थित भारतीय दूतावास के दो अधिकारियों को भी इस मसले की जांच के लिए कहा गया था।

गौरतलब है कि लंदन का सिख समुदाय कवच की नीलामी के दौरान इसे खरीदने को तैयार था लेकिन इसकी असलियत पर उठे विवाद के बाद उसने अपने प्रयास रोक दिए थे।

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