मुशर्रफ की शक्तियां कम होंगी

इसका उद्देश्य संभावित संविधान संशोधन के लिए किसी सहमति पर पहुंचना है जिसके तहत राष्ट्रपति की शक्तियों में कटौती कर उस केवल प्रतीकात्मक राष्ट्र प्रमुख बनाए रखने की बात होगी।
राष्ट्रपति भवन के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, "राष्ट्रपति शक्तियों में कटौती के बावजूद काम करने को तैयार है।"
अधिकारी ने कहा कि एक कैबिनेट मंत्री सरकार और मुशर्रफ के बीच मध्यस्थता कर रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से सत्ताधारी गठबंधन को संकेत दिए हैं कि वह प्रशासनिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
मुशर्रफ के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने से बचने के लिए अमेरिका ने गठबंधन के सहयोगियों को समझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यद्यपि, अमेरिकी अधिकारियों जॉन निग्रोपैन्टे और रिचर्ड बाउचर ने हाल ही में अपने पाक दौरे के दौरान कहा था कि राष्ट्रपति केवल प्रतीकात्मक होंगे।
अठराहवां संविधान संशोधन विधेयक राष्ट्रीय असेंबली के अगले सत्र में पेश किया जाएगा, जिसके बाद राष्ट्रपति की कई महत्वपूर्ण शक्तियां खत्म हो जाएंगी।
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के कानूनी विशेषज्ञों द्वारा विधेयक को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
विधेयक के मुताबिक सरकार बर्खास्त जजों को बहाल करेगी और यह संसद को स्वतंत्र और संप्रभू बनाएगी। इसका मतलब यह हुआ कि मुशर्रफ सन 1999 में सत्ता कब्जाने के बाद हासिल शक्तियों से वंचित हो जाएंगे।


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