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टिकैत को जमानत, मायावती ने गृह मंत्री से इस्तीफा मांगा (लीड-1)

By Staff
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    लखनऊ/ बिजनौर /मुजफ्फरनगर, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। नाटकीय घटनाक्रम में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के अध्यक्ष महेंद्र सिंह टिकैत गिरफ्तार हुए और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद बिजनौर सत्र अदालत से उन्हें जमानत मिल गयी। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री मायावती ने इस पूरे प्रकरण में टिकैत का पक्ष लेने वाले राजनीतिक दलों पर निशाना साधा और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग की।

    तीन दिन तक चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद टिकैत को आज सुबह मुजफ्फरनगर से आला पुलिस अधिकारियों की टीम के हस्तक्षेप के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें बिजनौर की एक अदालत में पेश किया गया जहां उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।

    इस बीच मायावती ने आज भारतीय किसान यूनियन के नेता महेंद्र सिंह टिकैत का पक्ष लेने के लिए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल की इस्तीफे की मांग की। मायावती ने टिकैत प्रकरण में अन्य राजनीतिक दलों द्वारा टिकैत का समर्थन करने पर आलोचना की। मायावती ने आज एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि टिकैत के खिलाफ अनुसचित जाति व जनजाति (उत्पीड़न) अधिनियम के अंतर्गत टिकैत के खिलाफ मामला दर्ज होने के बावजूद जायसवाल ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए।

    मायावती ने केन्द्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष बूटा सिंह और केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि टिकैत के खिलाफ की गयी कार्रवाई किसी जाति विशेष अथवा व्यक्ति के खिलाफ नहीं थी। कानून का पालन कराना सरकार की संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी होती है।

    मायावती ने कहा कि इस मामले में भले ही टिकैत ने माफी मांग ली हो पर मामला दर्ज हो चुका है और कानूनन जो भी उचित कार्रवाई होगी वह की जाएगी। एक ओर जहां पुलिस और प्रशासन अपने तरीके से टिकैत पर नकेल कसने की कवायद में जुटा था वहीं किसान नेता की ओर से वी़ पी. श्रीवास्तव ने इलाहाबाद में एक रिट दायर कर उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की गुहार की।

    उधर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति विनोद प्रसाद और न्यायमूर्ति ए़ के ़ सिंह ने टिकैत की ओर से दी गई याचिका की सुनवाई करते हुए कहा कि अगर टिकैत आत्मसमर्पण करने जा रहे हैं तो उन्हें गिरफ्तार न किया जाए। अदालत ने यह आदेश आज तीन बजे दिया और तभी अदालत को सूचित किया गया कि टिकैत को तीन बजकर बीस मिनट पर बिजनौर में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया गया है जहां उनकी जमानत अर्जी खारिज हो गयी।

    याचिकाकर्ता ने इस घटनाक्रम पर आपत्ति जताई तो अदालत ने आदेश दिया कि टिकैत की जमानत अर्जी अब सत्र अदालत में दायर की जाए और अदालत आज ही इसका निस्तारण करे। इसके बाद ही बिजनौर की सत्र अदालत में जमानत की अर्जी दाखिल की गयी जिसे स्वीकार कर लिया गया।

    गौरतलब रविवार शाम को बिजनौर में एक किसान रैली में टिकैत पर उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के बारे में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगा था। रैली के फौरन बाद उन पर पुलिस ने इस संदर्भ में मामला दर्ज किया था। इसके बाद से टिकैत को पिछले तीन दिनों से गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा था।

    इसी दौरान कई बार पुलिस और टिकैत समर्थकों के बीच भारी संघर्ष भी हुआ। पिछले तीन दिनों में राज्य सरकार ने इस गिरफ्तारी को अंजाम देने के लिए 10 हजार पुलिसकर्मियों को इस इलाके में तैनात किया था। कल देर रात से आला पुलिस अधिकारियों की एक टीम और टिकैत के बीच इस मामले का शांतिपूर्ण हल निकालने के लिए बातचीत चली थी।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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