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अफगान नीति में परिवर्तन कर सकता है नाटो

By Staff
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ब्रसेल्स, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ 40 देशों के सहयोग से लड़ाई लड़ रहा पश्चिमी देशों का गठबंधन 'नाटो' अपनी अफगान नीति की समीक्षा कर रहा है।

ब्रसेल्स, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ 40 देशों के सहयोग से लड़ाई लड़ रहा पश्चिमी देशों का गठबंधन 'नाटो' अपनी अफगान नीति की समीक्षा कर रहा है।

माना जा रहा है कि नाटो इस समीक्षा के बाद अपनी अफगान नीति में परिवर्तन कर सकता है।

गौरतलब है कि इन 40 देशों में से 14 नाटो के सदस्य नहीं हैं। अलग-अलग भाषा, इतिहास, सैन्य क्षमताओं और राजनैतिक नेतृत्व वाले ये देश प्राय: एक से उद्देश्यों को लेकर नहीं चल पाते।

जुलाई 2006 में अफगानिस्तान में नाटो की अंतर्राष्ट्रीय शांति सेना (आईएसएएफ) के पूर्व प्रमुख जनरल डेविड रिचर्ड्स ने कहा था कि आईएसएएफ का उद्देश्य है ऐसी सुरक्षा प्रदान करना जिसके अंतर्गत विकास हो सके।

ऐसे में सभी लोगों की आईएएसएफ के बारे में अलग-अलग राय है कुछ के लिए वह आतंकवाद से लड़ने का माध्यम है तो कुछ के लिए विकास और पुर्ननिर्माण का।

भ्रम की ऐसी स्थिति में अमेरिकी विदेशमंत्री राबर्ट गेट्स ने द्विस्तरीय प्रणाली बनाने पर बल दिया है जिसके तहत गठबंधन का एक हिस्सा तो तालिबान विद्रोहियों के खिलाफ लड़ेगा जबकि दूसरा अपेक्षाकृत शांत शहरों में निर्माण कार्यो को बढ़ावा देगा।

लंदन स्थित अंतर्राष्ट्रीय रणनीतिक अध्ययन केंद्र के रक्षा विशेषज्ञ क्रिस्टोफर लांग्टन कहते हैं कि अफगानिस्तान के मामले में नाटो को अधिक व्यापक नीतियों की आवश्यकता है।

समाचार एजेंसी डीपीए ने ब्रसेल्स में अधिकारियों के हवाले से बताया कि बुखारेस्ट में दो से चार अप्रैल तक होने वाली नाटो शिखर वार्ता में अफगानिस्तान के लिए नई नीति का मुद्दा छाया रहेगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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