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श्रीलंकाई पुलिस पर राहतकर्मियों की हत्या का आरोप

By Staff
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नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। श्रीलंका के मुटूर इलाके में दो वर्ष पूर्व 17 राहतकर्मियों की हत्या में एक होमगार्ड और दो श्रीलंकाई पुलिसवालों का हाथ था।

यूनिवर्सिटी टीचर्स फॉर ह्यूमन राइट्स (यूटीएचआर) नामक गैर सरकारी संगठन ने अपनी चौंका देने वाली रिपोर्ट में यह खुलासा किया है।

रिपोर्ट के अनुसार 4 अगस्त 2006 को फ्रांसीसी अंतर्राष्ट्रीय राहत संस्था एक्शन कोंट्रे ला फेम (एसीएफ) के लिए काम करने वाले 17 तमिल राहतकर्मियों की हत्या वरिष्ठ अधिकारियों के इशारे पर हुईथी।

रिपोर्ट के अनुसार घटना वाले दिन लिबरेशन टाइगर्स आफ तमिल ईलम (लिट्टे) और श्रीलंका सेना के बीच लड़ाई हुई थी जिस कारण मुटूर के सब नागरिक क्षेत्र से पलायन कर गए थे।

इसके बाद दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने एसीएफ के दफ्तर की तलाशी लेने के लिए कुछ पुलिसवालों को नियुक्त किया जहां अधिकतर तमिल राहतकर्मी मौजूद थे।

रिपोर्ट के अनुसार पुलिसकर्मियों और होमगार्ड ने राहतकर्मियों की बात न सुन कर उन्हें गोलियों से भून डाला। रिपोर्ट में कहा गया है कि हत्याओं के पीछे पुलिसकर्मियों और होमगार्ड की निजी भावनाएं भी काम कर रही थीं।

गौरतलब है कि दो वर्ष पूर्व श्रीलंका में इस हत्याकांड को लेकर खासा विवाद हुआ था और सरकार ने मामले पर लीपापोती करने के लिए लिट्टे को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था।

अनेक दबावों के बाद श्रीलंका सरकार ने घटना की जांच शुरू करवाई लेकिन उसका परिणाम कुछ नहीं निकला था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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