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जल्द ही खत्म होगा दिल में कृत्रिम वाल्व लगाने का दौर

By Staff
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    लखनऊ , 30 मार्च (आईएएनएस)। जल्द ही हृदय में कृत्रिम वाल्व के प्रयोग का दौर खत्म हो जायेगा क्योंकि यहां स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर अनुसंधान संस्थान में स्टेम सेल तकनीक से मानव हृदय वाल्व विकसित करने की मुहिम तेज हो गयी है।

    यहां के कार्डियोवैसकुलर थोरेसिक सर्जरी विभाग की प्रयोगशाला में इस पर परीक्षण भी शुरु कर दिया गया है। साथ ही जापान के सपेरो मेडिकल विश्वविद्यालय से भी इसकी मदद ली जा रही है।

    विषेशज्ञ बताते हैं कि जापान और अमेरिका के बाद मानव दिल के हिस्से को विकसित करने पर शोध करने वाला भारत तीसरा देश बन गया है। चिकित्सकों का यह भी कहना है कि वाल्व संबंधी इस तरह का पहला शोध है।

    सीवीटीएएस विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एसके अग्रवाल कहते हैं यह स्टेम सेल मानव की अस्थि मज्जा से ली गयी है। स्टेम सेल से दिल का वाल्व बनाया जा सकता है क्योंकि इन कोशिकाओं में शरीर के किसी भी अंग की कोशिकाएं विकसित करने की क्षमता होती है।

    वह कहते हैं कि अभी पशुओं की त्वचा से विकसित वाल्व का प्रयोग किया जा रहा है। इसके जहां खराब होने की संभावना होती है वहीं यह नुकसानदेह भी होता है। इसलिए इसके उपयोग के बाद मरीजों की समय समय पर जांच जरुरी हो जाती है।

    प्रो़ अग्रवाल कहते हैं चूंकि स्टेम सेल से विकसित होने वाला वाल्व मानव कोशिका से ही विकसित होगा इसलिए इससे दिक्कत का कोई प्रश्न ही नहीं उठता है।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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