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राजग मुख्यमंत्रियों ने केंद्र पर लगाए भेदभाव के आरोप (लीड)

By Staff
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    नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के मुख्यमंत्रियों ने सामूहिक रूप से कांग्रेसनीत केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। राजग ने तय किया है कि बजट सत्र के दूसरे चरण में वह न सिर्फ इस मामले को गंभीरता से उठायेगी बल्कि इसके खिलाफ सड़कों पर भी उतरेगी।

    राजग प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी के निवास पर हुई बैठक का ब्यौरा देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने बताया कि सभी मुख्यमंत्रियों ने एक सुर में केंद्र सरकार पर असहयोग का आरोप लगाया।

    सुषमा ने बताया कि अधिकांश मुख्यमंत्रियों ने प्राकृतिक आपदाओं के लिए केंद्रीय सहायता राशि न दिये जाने के लिए केंद्र सरकार पर आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान और उड़ीसा में बाढ़ व सूखे का भयंकर प्रकोप इस वर्ष आया लेकिन केंद्रीय सहायता राशि के नाम पर सरकार ने इन राज्यों को फूटी कौड़ी तक नहीं दी।

    उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इन प्रभावित राज्यों को आपदा राहत कोष के तहत छोटी-मोटी रकम मुहैया कराकर अपना पल्ला झाड़ लिया।

    सुषमा ने बताया कि केंद्र ने राजग शासित राज्यों को मिलने वाली बिजली में भयंकर कटौती की है। उन्होंने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 200 मेगावाट बिजली काटे जाने का आरोप लगाया तो मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 300 मेगावाट बिजली काटे जाने का आरोप लगाया।

    उन्होंने बताया कि बिहार में स्थिति सबसे खराब है क्योंकि केंद्रीय आवंटन के तहत मिलने वाली 1169 मेगावाट बिजली के बदले उसे महज 680 मेगावाट बिजली ही मिल रही है। इस 680 मेगावाट में से बिहार सरकार नेपाल को भी बिजली मुहैया कराती है।

    उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्रियों ने इसके अलावा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की तर्ज पर प्रस्तावित सभी छह मिनी एम्स का गठन न किये जाने के लिए भी केंद्र सरकार को कोसा।

    मुख्यमंत्रियों ने वनाधिकार कानून, कृषि ऋण माफी की घोषणा, रेलवे परियोजनाओं, राष्ट्रीय खनिज नीति और राष्ट्रीय राजमार्गो के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

    सुषमा ने बताया कि बैठक में राजग के घटक दलों के अध्यक्षों ने भी हिस्सा लिया। जनता दल युनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव ने सुझाव दिया कि केंद्र के पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ सड़कों पर उतरना चाहिए और साथ ही मामले को संसद में उठाना चाहिए।

    बैठक में राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंघरा राजे सिंधिया और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तबियत खराब होने की वजह से नहीं आ सके। उनके प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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