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कॉफी और फीकी होगी

By Staff
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नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में नरमी और ब्राजील से आवक शुरू होने के मद्देनजर आने वाले दिनों में कॉफी की कीमतों में नरमी जारी रहने की संभावना है। शुक्रवार को समाप्त हुए मौजूदा सप्ताह के दौरान भी कॉफी की कीमतों में गिरावट का दौर रहा।

कमोडिटी विशेषज्ञ मीनाक्षी शर्मा के अनुसार ब्राजील से नई अरेबिका कॉफी के अगले सप्ताह से आवक शुरू होने की प्रबल संभावना को देखते हुए कीमतों में और नरमी आ सकती है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी बीते सप्ताह कॉफी की कीमतों में उठापठक देखने को मिला। कारोबारियों के अनुसार नकारात्मक वैश्विक रुखों की वजह से घरेलू बाजार में बिकवाली हावी रहा।

कॉफी की वैश्विक कीमतों का घरेलू कीमतों पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि देश में कुल उत्पादित काफी का तकरीबन 80 फीसदी निर्यात कर दिया जाता है। घरेलू बाजार में शुक्रवार को कॉफी राबस्टा 2,250-2,300 डालर प्रति टन बिकी। पिछले सप्ताह की समान अवधि के दौरान कॉफी राबस्टा की कीमत 2,380 से 2,400 डालर प्रत टन थी। जबकि कॉफी अरेबिका की कीमत पिछले सप्ताह के 3000 डालर प्रति टन से घटकर 2,900 से 2,950 डालर प्रति टन रह गई।

कारोबारी हालांकि देश के प्रमुख कॉफी उत्पादक राज्य कर्नाटक के दक्षिणी क्षेत्रों में मार्च में हुई बारिश की वजह से बची फसल की कटाई अवधि के आगे खिसक जाने की वजह से घरेलू कीमतों में ज्यादा गिरावट की संभावना को नकार रहे हैं।

कर्नाटक स्थित कारोबारी के अनुसार राबस्टा कॉफी की तकरीबन 15 फीसदी फसल की कटाई होना अभी बाकी है। अरेबिका कॉफी की कटाई मुख्यतया दिसंबर में शुरू होती है। जबकि राबस्टा कॉफी की कटाई फरवरी महीने में की जाती है।

इस बीच बीते सप्ताह निर्यात में कमी आने के बावजूद कारोबारी आने वाले सप्ताह निर्यात में वृद्धि की संभावना से इंकार नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह बताते हुए कारोबारी कहते हैं कि सरकार द्वारा कॉफी निर्यात पर दी जा रही रियायत की समय सीमा के इसी महीने खत्म होने के मद्देनजर निर्यातक समझौते को आपाधापी में तय करना चाहेंगे।

उधर, कॉफी उद्योग से संबद्ध अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा वर्ष के दौरान देश में कॉफी का उत्पादन 7 फीसदी गिरकर 2 लाख 80 हजार टन रह सकता है। अधिकारी सितंबर 2007 के अंतिम सप्ताह मौसम में आई गड़बड़ी को उत्पादन में गिरावट के लिए जिम्मेदार मान रहे हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार एक जनवरी 2008 से 24 मार्च 2008 के बीच देश से कुल 64 हजार 73 टन कॉफी का निर्यात किया गया। पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान 61 हजार 352 टन कॉफी का निर्यात किया गया था।

कुछ कारोबारी हालांकि मौजूदा वर्ष के दौरान काफी निर्यात के पिछले वर्ष के बराबर रहने की बात कर रहे हैं। इसके पक्ष में कारोबारी बता रहे हैं कि अधिकतर निर्यातकों ने बाजार से पर्याप्त स्टाक की खरीद कर ली है। इसलिए आने वाले समय में निर्यात में विशेष तेजी की संभावना कम ही है।

देश के द्वारा वर्ष 2007 के दौरान कुल 2 लाख 23 हजार 565 टन कॉफी का निर्यात किया गया। वर्ष 2006 की तुलना में यह 11 फीसदी कम है। मालूम हो कि कॉफी के इस पांचवें बड़े निर्यातक देश में विपणन वर्ष जनवरी और दिसंबर के मध्य होता है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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