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बड़ी उम्र की महिलाओं में सरवाइकल कैंसर होने की संभावना अधिक

By Staff
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    नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना चालीस साल से ज्यादा उम्र वाली महिलाओं को सरवाइकल (ग्रीवा संबंधी) कैंसर होने की संभावना अधिक रहती है। इसके अलावा उन्हें अपनी योनि संबंधी समस्याओं की भी अनदेखी नहीं करनी चाहिए।

    नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना चालीस साल से ज्यादा उम्र वाली महिलाओं को सरवाइकल (ग्रीवा संबंधी) कैंसर होने की संभावना अधिक रहती है। इसके अलावा उन्हें अपनी योनि संबंधी समस्याओं की भी अनदेखी नहीं करनी चाहिए।

    मैक्स हेल्थकेयर के वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ अमित भार्गव ने बताया, "चालीस से अधिक उम्र की महिलाओं में स्तन कैंसर के बाद सरवाइकल कैंसर तेजी से दूसरी बड़ी बीमारी के रुप में उभर रही है। "

    उन्होंने बताया कि प्रत्येक साल सरवाइकल कैंसर से पीड़ित लगभग नये मरीज अस्पताल में इलाज कराने जाते हैं।

    शांति मुकं द अस्पताल में कैंसर विशेषज्ञ सलाहकार पार्था मुखोपाध्याय ने आईएएनएस को बताया, "भारत के मेट्रो शहर दिल्ली, मुंबई और बंगलौर में चालीस से अधिक उम्र की महिलाओं में सरवाइकल कैंसर दूसरी बड़ी बीमारी के रूप में दर्ज किया जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि यह चौंकाने वाली बात है कि भारत में सरवाइकल कैंसर से पीड़ित होने वाली ज्यादातर महिलाएं निम्न और मध्यवर्गीय समाज से आती हैं।

    सरवाइकल कैंसर के प्रमुख लक्षण हैं-मैथुनोपरांत एवं योनि से अनायास खून बहना, मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव और तलपेट में दर्द होना।

    विशेषज्ञों ने बताया कि चालीस से अधिक उम्र की महिलाओं में सरवाइकल कैंसर के लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सा विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। जिससे समय रहते उनका इलाज किया जा सके।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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