• search

परमाणु करार का विरोध दुर्भाग्यपूर्णः नारायणन

By Staff
Subscribe to Oneindia Hindi
Mk Narayanan
नई दिल्ली, 27 मार्चः मनमोहन सिंह सरकार ने परमाणु करार के विरोधियों पर राजनीतिक संगठनों और सरकारी एजेंसियों के माध्यम से तगड़ा हल्ला बोल दिया और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से लेकर महिला कांग्रेस की अध्यक्ष तक को करार विरोधियों के सामने मैदान में उतार दिया.

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम के नारायणन ने यहां एक रक्षा समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत में घरेलू मोर्चे पर अमरीका के साथ हो रहे परमाणु करार का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि इसका देश के सामरिक कार्यक्रम पर होने वाले असर से कोई सरोकार नहीं है.

नारायणन ने कहा कि भारत के बाहर कुछ ताकतें परमाणु समझौते का यह कहते हुए विरोध कर रही हैं कि भारत ने अभी परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं जबकि कुछ अन्य ताकतों का कहना है कि भारत के साथ ही अलग बर्ताव क्यों किया जा रहा है.

राष्ट्रीय सुरक्ष सलाहकार ने कहा कि भारत के फ्रांस और रूस से बेहतर संबंध हैं लेकिन 123 समझौते और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह के साथ सहमति हुए बिना भारत का परमाणु अलगाव दूर नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि आईएईए के साथ समझौता नहीं होना परमाणु करार की प्रमुख बाधा है और इस बारे में देश को बहुत जल्दी ही आम सहमति बनानी होगी. दूसरी ओर महिला कांग्रेस की अध्यक्ष प्रभा ठाकुर खुलकर वाम दलों के विरोध में उतर आयीं और उन्होंने कहा कि यह करार भारत के हित में है और इसके विरोधियों को भगवान सदबुदि्ध दे तो बेहतर है.

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कुछ राजनीतिक दल अपनी राजनीति कर रहे हैं और देश के हितों की अनदेखी कर रहे हैं. यह पूछने पर कि क्या कम्युनिस्ट पार्टियां चीन के इशारे पर इस करार कर विरोध कर रही हैं तो श्रीमती ठाकुर ने कहा कि ऐसे लोगों को यह सोचना चाहिये कि अगर भारत चीन से आगे जाएगा तो यह राष्ट्रहित में है.

हमें दुनिया में अपनी धाक जमानी है और किसी भी राजनीतिक पार्टी को इसमें आड़े नहीं आना चाहिये.

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more