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सरबजीत सिंह को लेकर राज्य सभा में चिंता

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Rajya Sabha
नई दिल्ली 17 फरवरी: राज्य सभा में आज सदस्यों ने भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह को पाकिस्तान में फांसी देने की तैयारियों पर चिंता व्यक्त की. प्रश्नकाल शुरू होते ही कांग्रेस के राशिद अल्वी ने यह मामला उठाते हुए सदन में सरबजीत को बचाने का प्रस्ताव पारित करने की मांग की.

सभापति हामिद अंसारी ने उन्हें शांत करते हुए कहा कि प्रश्नकाल की निर्धारित प्रश्नों के अलावा और कोई मामला उठाने की इजाजत नहीं है. इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के मुख्तार अब्बास नकवी और एस एस अहलुवालिया समेत कई अन्य सदस्य खडे हो कर इस मामले में सरकार से हस्तक्षेप की मांग करने लगे. इस पर कांग्रेस और अन्य पाटियों के कई सदस्यों के खडे हो जाने से सदन में शोर गुल शुरू हो गया.

सभापति श्री अंसारी ने सदस्यों को शांत करते हुए कहा कि हम सभी को इस बारे में चिंता है. मैं सदन की भावना से सरकार को अवगत करा दूंगा. बाद में माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की वृंदा करात ने शून्य काल में भी सरबजीत की फांसी का मामला उठाया और मांग की कि भारत सरकार पाकिस्तान के नए शासकोंसे इस पर बात करे. माकपा नेता ने सरकार से यह भी मांग की कि सरबजीत के परिवार को जरूरी आथिक मदद दी जाए. पूरे सदन ने श्रीमती करात की मांग का समर्थन किया.

भारतीय नागरिक सरबजीत इस समय पाकिस्तान में लाहैर की जेल में बंद है और उसको पहली अप्रैल को फांसी पर लटकाए जाने के लिए ब्लैक वारंट जारी किया जा चुका है. उसके शुभचिंतक सरकार से अपील कर रहे है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति से उसके लिए क्षमादान की अपील की जाए. सरबजीत को 1990 में पाकिस्तान में बम विस्फोट की कुछ घटनाओं में शामिल होने के आरोप में पकडा गया और 2003 में अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई.

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