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किसानों के ऋण भुगतान को कर्ज: वित्तमंत्री

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P Chidambaram
नई दिल्ली 16 मार्च: वित्त मंत्री पी.चिदंबरम को पूरा विश्वास है कि किसानों के 60 हजार करोड रुपये के ऋण माफी पैकेज के एवज में बैंकों और वित्त संस्थानों को रकम की भरपाई सामान्य कर राजस्व से ही कर ली जायेगी फिर यदि जरूरत पडी तो बाजार से कर्ज लेकर भी किसानों का कर्ज चुकायेगी सरकार.

श्री चिदंबरम ने कहा है कि कर राजस्व की उम्मीद से ज्यादा उगाही के चलते ऋण माफी पैकेज के लिये धन उपलब्ध कराने में कोई ज्यादा कठिनाई नहीं आयेगी. उनके मुताबिक अर्थव्यवस्था में वृद्धि की तेज रफ्तार को देखते हुये ऋण माफी पैकेज का बो किसी भी एक साल में सकल घरेलू उत्पाद जीडीपी का 0.25 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा.

उनका कहना है कि वास्तविकता तो यह है कि पहले साल 2008-09 में इसका बो जीडीपी का 0.25 प्रतिशत होगा और उसके बाद हर साल यह अनुपात कम होता चला जायेगा. श्री चिदंबरम लोकसभा में कल बजट चर्चा का उत्तर देते हुये कल यह कह चुके हैं कि किसानों के ऋण माफी पैकेज के बदले बैंकों को जून 2008 से तीन साल में पूरी राशि उपलब्ध करा दी जायेगी.

वित्त मंत्री के मुताबिक अगले वित्त वर्ष में कुल अनुमानित व्यय 750884 करोड रुपये तक है. ऋण माफी पैकेज का हर साल औसत राजस्व 15000 करोड रुपये तक होगा जो कि वर्ष के कुल खर्च का मात्र दो प्रतिशत तक ही है. जीडीपी में वृद्धि के साथ हर अगले साल में यह औसत और भी कम होगा.

उनके मुताबिक सरकार के पास पैकेज की भरपाई के लिये कई स्रोत मौजूद है. सबसे अहम कर राजस्व स्रोत है. उसके बाद गैर कर राजस्व प्राप्तियां जैसे लाभांश, ब्याज, रायल्टी और शुल्क आदि है. तीसरे विकल्प के तौर पर ऋणों की वसूली.

संपत्ति की बिक्री पर प्रीमियम और सार्वजनिक उपक्रमों के शेयरों के विनिवेश से मिलने वाली राशि शामिल है और आखिर में अतिरिक्त उधारी के रूप में अंतिम विकल्प भी खुला है.

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