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अधिक दूध के लालच में पशुओं को टीका लगाना खतरनाक

By Staff
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    नयी दिल्ली 14 मार्च .वार्ता. अधिक दूध पाने के लालच में पशुओं कोआक्सीटोसिन इंजेक्शन के अंधाधुंध इस्तेमाल को पशु और मानवस्वास्थ्य के लिये गंभीर बताते हुए कृष िसंसदीय स्थायी समिति ने पशुपालकों और उपभोक्ताओं को जागरुक करने पर बल दिया है

    राज्यसभा में आज पेश समिति की 34वीं रिपोर्ट में यह सिफारिशकरते हुए कहा गया है कि यह मामला सीधे तौर पर पशु और उसका दूधपीने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य से जुडा है1 अनुभव बताता है कि इससेपशु के दूध देने की अवधि कम हो जाती है और मानव स्वास्थ्य भीप्रभावित होता है

    समिति को यह देखकर आश्चर्य हुआ है कि राष्ट्रीय डेरी अनुसंधानकेन्द्र. करनाल द्वारा किये गये अध्ययन में यह पाया गया है किआक्सीटोसिन हामोन टीके का प्रयोग करने से पशु स्वास्थ्य और दुग्ध परकोई दुष्प्रभाव नहीं पडता हैं जबकि पशु पालन. डेरी और मात्स्ियकीविभाग इसे खतरा बता रहे है1 विभाग ने इस टीके के अंधाधुंध उपयोगके खतरे को रोकने के लिये राज्य औषध नियंत्रक के सहयोग सेअभियान शुरु करने के लिये पशु पालन विभाग के सभी सचिवों को पत्रपुन. जारी किये है1 समिति को लगता है कि इस टीके का लम्बे समयतक उपयोग से होने वाली प्रभावों पर कोई अनुसंधान नहीं किया गया है

    सरकार का कहना है कि आक्सीटोसिन .एच. अनुसूची वालीदवाई है जिसे सिर्फ डाक्टर के लिये होने पर ही ग्राहक को बेचा जासकता है1 पर उत्तर प्रदेश में इसके अवैध इंजेक्शन पकडे गये थे जिस परराज्य औषध नियंत्रक के सहयोग से अभियान चलाने तथा किसानों औरडेरी मालिकों के बीच जागरुकता अभियान चलाने का निर्णय लियागया था1 समिति ने विभाग से दोनों पहलुओं अर्थात पशु और मनुष्य केस्वास्थ्य पर पडने वाले प्रभावों का पता लगाने. कृष िविग्यान केन्द्रों तथामीडिया के माध्यम से पशुपालकों और दुग्ध उपभोक्ताओं

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