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प्रतिबंधों के बाजवूद परमाणु उद्योग विकास के रास्ते पर

By Staff
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नयी दिल्ली 12 मार्च .वार्ता. विदेशी प्रतिबंधों के बावजूद भारत कापरमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित हो रहा है तथा परमाणु ऊर्जा निगमदाबित भारी पानी रियेक्टरों का निर्माण करीब पांच वषो में करने मेंसक्षम हो गया है

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण ने आजलोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी देते हुएबताया कि यह रियेक्टर अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरुप ही है1 उन्होंनेबताया कि अनुसंधान और विकास का कार्य अब स्वदेशी त्रिस्तरीयपरमाणु ऊर्जा कार्यक्रम पर केद्रित है

उन्होंने बताया कि दाबित भारी पानी रियेक्टरों की भारतीयप्रोद्योगिकी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की है तथा भारत प्राटोटाइप फास्ट ब्रीडररियेक्टर का निर्माण कर रहा है1 भारत इस क्षेत्र में कई देशों से आगे है

परमाणु समौते.. श्री चह्वाण ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर मेंबताया कि असैन्य परमाणु सहयोग के लिए अमरीका. प्रांस और रुस केसाथ समौते अंतिम चरण में है1 बि्रटेन ने भी इस क्षेत्र में सहयोग करनेकी इच्छा व्यक्त की है

ु उन्होंने कहा कि भारत सभी मित्र देशों के साथ परमाणु सहयोगबढाना चाहता है

पाक परमाणु कार्यक्रम.. विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने एक अन्यप्रश्न के उत्तर में बताया कि पाकिस्तान ने गुप्त रुप से परमाणु हथियारबनाने की प्रौद्योगिकी प्राप्त की है

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार कार्यक्रम केबारे में भारत ने अपनी चिंता से विश्व समुदाय को अवगत कराया है

सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदमउठाती रही है

सुफल अभिनव रामलाल1449.वार्ता.

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