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शिशुमृत्युदर में कमी का लक्ष्य अभी दूर. रेणुका

By Staff
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नयी दिल्ली 10 मार्च .वार्ता. केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेणुका चौधरी ने आज कहा कि भारत जच्चा. बच्चा मृत्यु दर मेंकमी लाने के संयुक्त राष्ट्र के लक्ष्य की राह में अभी पीछे है

श्रीमती चौधरी ने आज राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान अपनेमंत्रालय से जुडे मुद्दों पर पूरक प्रश्नों के उत्तर में कहा कि हम गरीबी.बीमारी. अशिक्षा और स्वास्थ एवं पोषण सुविधाओं में सुधार के बारे मेंसंयुक्त राष्ट्र सहस्राब्दि सम्मेलन में निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में ठीकप्रगति कर रहे है पर जच्चा बच्चा मृत्यु दर में कमी के लक्ष्य में हम कुछपीछे है

उन्होंने कहा कि सरकार इन लक्ष्यों पर नए तरीके से ध्यान दे रहीहै1 श्रीमती चौधरी ने बताया कि सरकार जच्चा बच्चा पोषण के लिएसमान्वित बाल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत सभी राज्यों में एक जैसीव्यवस्था करने पर विचार कर रही है1 उन्होंने कहा कि गर्भवतीमहिलाओं को कृत्रम रुप से संपुष्ट किए गए भोजन की खुराक देने औरपोषण के बारे में जागृति पैदा करने की आवश्यकता है

उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र बाल कोष .यूनीसेफ. की ..प्रोगे्रसफार चिल्ड्रेन.. शीर्षक से दिसम्बर 2007 में जारी रिपोर्ट संख्या 06 केअनुसार. भारत में वर्ष 2006 में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों कीमृत्यु दर प्रति एक हजार में 76 थी1 उक्त रिपोर्ट के अनुसार भारत कोवर्ष 2015 तक पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर को कमकरके 38 प्रति 1000 जीवित प्रसव तक लाने की सहस्राब्दी विकासलक्ष्य प्राप्त करना है और तदनुसार शिशु मृत्यु के मामलों में कमी लानेकी वार्षकि दर 2007..2015 की अवधि के दौरान 7.6 प्रतिशत होनी चाहिए

उन्होंने कहा कि बच्चों का कम वजन उनक मृत्यु का कारण नहींहै1 बालिकाओं की शीघ्र विवाह. अल्पायु में गर्भवती होना औरकुपोषण के परिणामस्वरुप नवजात शिशुओं का वजन कम होता है

स्तनपान और पूरक आहार की अनुपयुक्त पद्धतियों शिशुओं और छोटेबच्चों की पोषाहारीय जरुरतों की जानकारी न होना और बार..बार होनेवाले संक्रमण स्थिति को और ज्यादा खराब कर देते है

मनोहर शेखर रामलाल1419.वार्ता.

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