मुशर्रफ के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव?

पीएमएल (एन) के प्रतिनिधिमंडल के अलावा जमाते उल इस्लामी के नेता मौलाना फजलुर रहमान ने भी श्री जरदारी से मुलाकात की. करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में पीएमएल (एन) को कैबिनेट में शामिल करने पर राजी कर लिया गया.
सूत्रों ने कहा कि पीएमएल (एन) ने कैबिनेट में शमिल होने के बारे में सकारात्मक जवाब नहीं दिया लेकिन उन्होंने इस बात के संकेत दिए कि बुधवार को होने वाली अगली बैठक में इस बारे में फैसला लिया जाएगा.
हालांकि राष्ट्रीय असेंबली के पहले सत्र में राष्ट्रपति मुशर्रफ के खिलाफ संसद में विश्वास मत प्रस्ताव पेश किए जाने, जुल्फिकार अली भुट्टो की फांसी के लिए पाकिस्तान की अवाम से माफी मांगने तथा बेनजीर भुट्टो की हत्या की जांच संयुक्त राष्ट्र के एक आयोग से कराने संबंधी प्रस्ताव पेश करने को लेकर गठबंधन के दलों के बीच आम सहमति है.
सूत्रों ने यह भी संकेत दिए हैं कि सरकार के गठन के बाद पंजाब का अगला गवर्नर पीपीपी से चुने जाने संबंधी प्रस्ताव को लेकर पीएमएल (एन) राजी हो गया है.
इस बीच बैठक के बाद जरदारी निवास के बाहर पत्रकारों से बातचीत में चौधरी निसार अली खान ने कहा कि सरकार के गठन को लेकर जी बातों को अंतिम रूप देने के लिए यह बैठक हुई है. इसके बाद होने वाली कई बैठकों के बाद नई सरकार के गठन को अंतिम रूप दिया जा सकेगा.
उन्होंने कहा कि सरकार के गठन की राह में किसी प्रकार की बाधा नहीं है और बडे फैसलों को अंतिम प दिया जा चुका है. पीपीपी, पीएमएल (एन) और एएनपी एक साथ हैं और सभी राष्ट्रीय मुद्दों पर मिलकर निर्णय लिया जाएगा.


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