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किसानों के लिए सब्सिडी 2,43,386 करोड़ रुपए

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p chidambaram
नई दिल्ली, 29 फरवरीः वित्त मंत्री पी चिदंबरम लोकसभा में अपना पांचवा बजट पेश कर रहे हैं. विपक्ष के हंगामें के बीच वित्त मंत्री ने वर्ष 2008-09 के इस बजट में कुछ विशेष घोषनाएं की हैं.

उन्होंने कहा कि दिसंबर 2007 तक भारत का विकास दर 8 प्रतिशत रहा है और आने वाले वर्षों में खाद्यानों की आपूर्ति, बाज़ार और मुद्रा स्फीति की दर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

उन्होंने छोटे और मंझोले किसानों के सभी ऋण माफ करने की बात कही जो करीब 50,000 करोड़ रुपए का होगा. इसके अलावा किसानों के लिए कुछ अन्य राहत भी दी गई है.

पांच एकड़ जमीन वाले किसानों को 31 मार्च 2007 तक दिए गए सभी कर्ज माफ होंगे. इस योजना में आरआरबी और एससीबी के दिए गए कर्ज भी शामिल हैं.

ग्रामीण और व्यवसायिक बैंकों के दिए गए कर्ज भी माफ कर दिए जाएंगे जिससे 30 जून 2008 तक सभी कर्जों का निपटारा हो जाएगा और उसके बाद किसान नए कर्ज ले सकेंगे.

देश में सिंचाई की समस्या से निबटने के लिए 14 नई सिचाईं परियोजनाएं मंजूर की गई हैं. सिचाईं के लिए फायनेंस आयोग का गठन किया जाएगा. जिसके लिए 100 करोड़ की कम्पनी बनेगी. इसके अलावा नारियल, काजू काली मिर्च जैसी फसलों के पुनरुज्जीवन पर विशेष बल दिया जाएगा.

इसके अलावा किसानों को मिलने वाली खाद सब्सिडी जारी रहेगी. इसे फिलहाल नहीं हटाया जाएगा. इसके अलावा वर्ष 2008-09 में 2,80,000 करोड़ का कृषि ऋण बांटने का लक्ष्य रखा गया है.

वित्तमंत्री ने अपने बजट अभिभाषण में कहा है कि इस साल कृषि विकास दर 2.6 रहने का अनुमान है. कृषि उत्पादन अपने उच्चतम स्तर पर है. उन्होंने संसद में अपने अभिभाषण में आगे बताया कि भारत निर्माण पर 31,280 करोड़ रुपए खर्च करेगा. और कृषि के लिए 2008-09 में सब्सिडी 2,43,386 करोड़ रुपए होगी.

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