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पिछले साल के बजट पूंजीगत खचो यानी नए सैन्य साजोसामान

By Staff
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की खरीदारी के लिए 49 हजार करोड रूपये रखे गए थे जिसमें से रक्षामंत्रालय करीब 70 प्रतिशत राशि नवम्बर 2007 तक खर्च नहीं कर सकाथा1 इसके बाद मंत्रालय ने एक के बाद एक ताबडतोड बडे रक्षा सौदोंको अंतिम रूप दिया1 आने वाले पांच वषो में भारत 30 अरब डालर यानी एक लाख बीसहजार करोड रूपये से अधिक के सैन्य उपकरणों की खरीदारी करने जारहा है और 300 सौ करोड रूपये से अधिक के किसी भी सौदे में कुलरकम का तीस प्रतिशत निवेश भारतीय रक्षा कम्पनियों में करने की शर्तजोडी जा चुकी है1 इस तरह आने वाले आधे दशक में भारतीयकम्पनियों को करीब चालीस हजार करोड रूपये का विदेशी निवेशमिलेगा1 रक्षा बजट के एक लाख करोड रूपये से ऊपर जाने के बावजूदभारत अपने पडोसी देशों के मुकाबले रक्षा क्षेत्र काफी कम खर्च कर रहाहै1 पडोसी पाकिस्तान और चीन अपने सकल घरेलू उत्पाद का करीबपांच प्रतिशत रक्षा क्षेत्र पर लगा रहे हैं जबकि भारत का रक्षा बजट सकलघरेलू उत्पाद का ढाई प्रतिशत से कम ही रहा है1 अंतरराष्ट्रीय जगत मेंयह भी सर्व विदित है कि चीन और पाकिस्तान घोषति बजट से कहींअधिक खर्च सैन्य क्षेत्र पर करते हैं

वित्त मंत्री ने सैनिक स्कूलों की दशा पर भी ध्यान दिया है जो सैन्यबलों के लिए अधिकारियों की नर्सरी के तौर पर जाने जाते हैं1 देश के22 सैन्य स्कूलों की दशा सुधारने और उनकी ढांचागत सुविधाओं मेंसुधार के लिए दो दो करोड रूपये की राशि तय की गयी है1 इस तरहसैनिक स्कूलों के सुधार पर 44 करोड रूपये खर्च किए जाएंगे1 कौशिक समरेन्द्र जय मनोरंजन 1253 वार्ता.

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