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2007..08 में कृष िवृदि्ध दर घटकर 2.6 प्रतिशत रहने का अनुमान

By Staff
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नयी दिल्ली.28 फरवरी.वार्ता. मौसम में उतार.चढाव . घटते पूंजी निवेश और मुख्य फसलों की पैदावार में गिरावट के चलते चालू वित्त वर्ष के दौरान देश की कृष िक्षेत्र की वृदि्ध दर के एक साल पहले के 3.8 प्रतिशत की तुलना में घटकर 2.6 प्रतिशत रह जाने का अनुमान है

वित्त मंत्री पी चिदम्बरम द्वारा संसद में आज प्रस्तुत 2007..08 की समीक्षा में कहा गया ऐसी स्थिति में जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में खाद्य .इधन और खाद्य तेलों की कीमतें आसमान छू रही हैं . देश की अर्थव्यवस्था के चौतरफा विकास और घरेलू बाजार में आवश्यक जिंसों की कीमतों को काबू में रखने के लिए कृष िक्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण है

समीक्षा में कहा गया है कि मौसम की वजह से पैदा होने वाले उतार.चढाव के अलावा .खेती में निवेश घटने से उत्पादन गिरने और मुख्य फसलों के उपज स्तर में कमी आने से कृष िउत्पादन प्रभावित हुआ है1 इसके चलते 2007..08 में कृष िउत्पादन वृद्धि पिछले साल के 3.8 की तुलना में घटकर 2.6 प्रतिशत रह जाने का अनुमान है1 कृष िउत्पादन बढाने के लिए समीक्षा में संसाधनों के संतुलित आवंटन तथा कार्यान्वयन के सभी स्तरों पर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग तथा संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से उत्पादकता बढाये जाने पर जोर दिया गया है 1 समीक्षा में कहा गया है कि कृष िउत्पादन बढाने के लिए उत्पादनकर्ता तथा संसाधनों के उपयोग का मुद्दा महत्वपूर्ण है .क्योंकि कृष िसे अधिक से अधिक जनसंख्या को निरंतर सहायता मिल रही है 1 समीक्षा में 2007..08 के दि्वतीय अनुमानों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इस वर्ष कुल खाद्यन्न उत्पादन 21 करोड 93 लाख टन होने का अनुमान है1 यह वर्ष के लिए तय किये गये लक्ष्य 22 करोड 15 लाख टन के मुकाबले कम है1 हालांकि पिछले साल के 21 करोड 73 लाख टन से यह अधिक होगा

मिश्रा.महाबीर.रमेश1402जारी.वार्ता

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