क्रांतिकारी दलित कवि अण काले नहीं रहे
नासिक. 20 फरवरी. वार्ता. जाने माने क्रांतिकारी दलित कवि अणकाले का आज यहां दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया
55 वर्षीय श्री काले के चर्चित काव्य संग्रहों में ..रॉक गार्डन.. और..सैरांचे शहर.. काफी प्रसिद्ध हैं और ..सैरांचे शहर.. का हिंदी,मलयालम. गुजराती और बंगाली भाषाओं में अनुवाद किया गया है1 उन्हें बतकरी थोंबरे पुरस्कार, महाराष्ट्र फाऊंडेशन पुरस्कार(2007ऋऔर सहकार महर्ष िपुरस्कार समेत कई सम्मान मिल चुके हैं
नासिक के राणे नगर के निवासी श्री काले के परिवार में पत्नी, दोबेटियां और एक बेटा है1 श्री काले का अंतिम संस्कार कल किया जायेगा
महेश 1918 .वार्ता.












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