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भुवनेश्वर: पुलिस ने 20 नक्सलियों को मारा

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orissa police
भुवनेश्वर, 18 फरवरीः उड़ीसा के नयागढ़ में शुक्रवार रात पुलिस पर हमला करने के बाद हथियार लूटकर भाग रहे नक्सलियों पर सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें कुछ महिला नक्सली केडर समेत 20 नक्सली मारे गए हैं.

कंधमाल, गंजाम, गजपति और नयागढ़ जिलों के सीमावर्ती विभिन्न इलाकों में उड़ीसा सरकार की ओर से नक्सलियों की धरपकड़ तेज़ कर दी गई है इस अभियान में मृतक नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है.

राज्य के गृह सचिव टी. के. मिश्रा ने बताया कि नयागढ़ में 14 पुलिसकर्मियों और एक नागरिक की हत्या करने तथा जिला शस्त्रागार से भारी मात्रा में हथियार लूटने के बाद भाग रहे नक्लियों को ग्रेहाउंड " विशेष अभियान दल", केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और ओएसएपी के जवानों के संयुक्त दल ने घेर लिया और दोनों पक्षों के बीच जबर्दस्त मुठभेड़ चली.

गृह सचिव ने इस बात की पुष्टि की कि तलाशी अभियान के दौरान एसओजी के तीन कमांडो शहीद हो गए हैं। उन्होंने बताया कि नयागढ़ घटना के बाद कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, लेकिन उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताने से इंकार कर दिया. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आज मारे गए नक्सलियों में कुछ महिला केडर भी शामिल हैं.

गौरतलब है कि उड़ीसा पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन और उड़ीसा स्टेट आर्म्स पुलिस, हवलदार कांस्टेबल और सिपाही परिसंघ ने इस घटना के बाद धमकी दी थी कि यदि नक्सली हमले रोकने के लिए उनके सुझाव पर छह माह के भीतर अमल नहीं किया गया तो वे आन्दोलन शुरू कर देंगे.

एसोसिएशन के अध्यक्ष एस एल शर्मा और परिसंघ के अध्यक्ष पद्मनाभ बहेडा ने संयुक्त वक्तव्य में नयागढ़ में नक्सली हमले के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया जिसमें 14 पुलिसकर्मी मारे गये. इन लोगों ने शस्त्रागार और कर्मचारियों के आवास की त्रिस्तरीय सुरक्षा प्रणाली को लागू करने तथा एक समिति गठित करने की मांग की है.

समिति में सेवानिवृत्त और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, एसोसिएशन के प्रतिनिधि.,राजनीतिक नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हों जो नक्सल प्रभावित इलाकों में इस समस्या से निपटने तथा विकास कार्यों के लिए रणनीति तैयार करे.

उन्होंने राज्य सरकार से किसी भी आपात स्थिति में अतिरिक्त बल की जल्द तैनाती के लिए हेलीकाप्टर सेवा लेने, नक्सल विरोधी अभियान में किसी पुलिस अधिकारी की मौत होने की स्थिति में उसके परिजनों को 15 लाख रूपये मुआवजा, उसके सेवाकाल की समाप्ति तक वेतन और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की. बयान में कहा गया कि यदि सरकार ने समय रहते ये सुझाव मान लिये होते तो नयागढ़ की घटना न होती तथा इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी नहीं मारे जाते.

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