किसानों ने एक जुट होने का आह्वान

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नयी दिल्ली 05 फरवरी.वार्ता. वामपंथी दलों विभिन्न किसान संगठनों तथा पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने मनमोहन सरकार की कृष िसंबंधी नीतियों की कडी आलोचना करते हुये सभी किसान संगठनों से एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया है 1 इन दलों तथा संगठनों के नेताओं ् तथा श्री सिंह ने आज यहां एक किसान सम्मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा वित्तमंत्री पी चिदम्बरम् को किसानों के प्रति असंवेदनशील बताते हुये कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार किसानों की समस्यायेंं सुलाने में असफल रही हैं 1 उन्होेंने वित्तमंत्री से इस बार किसान केन्दि्रत बजट लाने की मांग की तथा सभी किसान संगठनों से किसानोंे की समस्याओंं के समाधान के लिये एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया 1 सम्मेलन में यह आह्वान भी किया गया कि सरकार पर दबाब बनाने के लिये मई माह में करीब दस लाख किसानों का दिल्ली मेंं डेरा डाला जाये

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी. भाकपा. के महासचिव ए बी बर्धन ने कहा कि कृष िसंकट राष्ट्रीय संकट बन चुका है पिछले एक वर्ष में 17 हजार किसान आत्महत्या कर चुके हैंं लेकिन सरकार को कोई चिंता नहीं है1 वित्त मंत्री यही प्रचार करने में लगे हैं कि आर्थिक वृदि्ध दर 9.4 प्रतिशत हो गयी है लेकिन यह नहीं देख रहे हैं कि इससे सिर्फ मुठ्ठी भर लोगों को फायदा हुआ है1 उन्होेने कहा कि प्रधानमंत्री किसानों की आत्महत्या पर आंसू बहाने विदर्भ गये थे लेकिन उन्होंने जो किया उसका कोई परिणाम सामने नहीं आया

श्री चिदम्बरम की कडी आलोचना करते हुये उनहोेने कहा कि उन्हेंं सिर्फ स्टाक मार्के ट की फिकर हैंं जिसमें गिरावट रोकने के लिये उन्होेंने बैकों को वहां धन लगाने के आदेश दिये हैंं लेकिन वहीं बैंक किसानों को रिण नहीं देते हैं 1 उन्होेंने आरोप लगाया कि रिर्जव बैंक तथा सरकार ने मान्यता प्राप्त रिणदाताओं की एक अलग श्रेणी बनाकर महाजनों और साहूकारों को नया नाम दे दिया है जो किसानो का फिर शोषण कर करेगें

उनियाल राजेश सत्या लखमी1735जारीवार्ता...

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