गद्दी छोड़ें मुशर्रफ: मुफ्ती उस्मानी

मुफ्ती रफी उस्मानी ने पाकिस्तान के निजी टेलीविजन चैनल जियो टीवी को दिये एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि मुशर्रफ् संवैधानिक कानूनों को ताक पर रखकर राष्ट्रपति बने है लेकिन उनके इस प्रयास से मुल्क में अमन कायम नहीं हो सका है.
उन्होंने लाल मस्जिद की घटना का उदाहरण देते हुये कहा कि मौलाना गाजी अब्दुल रशीद सरकार के साथ समझौता करने के लिये तैयार हो गये थे लेकिन मुशर्रफ ने समझौते को दरकिनार कर लाल मस्जिद पर कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि मुल्क में आये दिन हो रहे आत्मघाती हमले सरकार की मुस्लिम विरोधी नीतियों के परिणामस्वरूप हो रहे है.
गौरतलब है कि धार्मिक संगठनों में मुफ्ती ए आजम पद सबसे बडा माना जाता है. खासतौर पर इस्लामी देशों में इस पद का काफी महत्व होता है.


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