पाक चुनाव निष्पक्ष नहीं: इफ्तिखार चौधरी

जस्टिस चौधरी ने पत्र में लिखा एक देश का शासनाध्यक्ष होने का दावा करने वाला व्यक्ति (मुशर्रफ) एक मुख्य न्यायाधीश से डरता है और इसी डर के कारण उसे नजरबंद कर रखा है. अगर देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होते है तो अच्छी बात होगी लेकिन जब तक न्यायापालिका को आजाद नहीं किया जाता तब तक ऐसे चुनाव का मतलब क्या होगा. उन्होंने कहा मैं इस्तीफा नहीं देना चाहता था.
लेकिन मुशर्रफ ने मुझे इस्तीफा देने पर मजबूर करने की कोशिश की. गौरतलब है कि पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने विश्व आथिक मंच के सम्मेलन के दौरान जस्टिस चौधरी को भ्रष्ट और देश विरोधी न्यायाधीश कहा था.
जस्टिस चौधरी की रिहाई को लेकर वकील और नागरिक संगठन कई बार प्रदर्शन कर चुके है. पत्र में जस्टिस चौधरी ने खुद को पाकिस्तान का असली मुख्य न्यायाधीश बताया है. उन्होंने कहा कि मौजूदा न्यायापालिका सरकार के रहमोकरम पर काम कर रही है.
जस्टिस चौधरी को पाकिस्तान में तीन नवंबर को इमरजेंसी के बाद बर्खास्त कर दिया गया था.


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