जड़ीबूटी निर्यात में साझा काम करेंगे भारत व नेपाल
ग्वालियर 23 जनवरी: नेपाल के हर्बल उद्योग जगत ने भारत और श्रीलंका सहित तीनों देशों के हर्बल एवं प्राकृतिक औषधि उद्योग को विश्व बाजार में एक साझा शक्ति के रूप में विकसित किए जाने का प्रस्ताव किया है.
मध्य प्रदेश के हर्बल एवं आयुर्वेदिक औषधि, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण सहित छह क्षेत्रों के उद्यमियों तथा अंतर्राष्ट्रीय खरीददारों के यहां आयोजित पहले क्रेता विक्रेता सम्मेलन एमपी एक्सपोर्टेक 2008 में यह राय व्यक्त की गई. यहां संपन्न हुए इस तीन दिवसीय सम्मेलन में करीब 25 देशों के लगभग 50 अंतर्राष्ट्रीय खरीददार तथा 30 से अधिक विदेशी राजनयिकों ने भाग लिया.
नेपाल में हर्बल उद्योग की प्रमुख कंपनी समूह लिउर हिमालयन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय बी. प्रधानांग ने मध्यप्रदेश राज्य वनोपज सहकारी महासंघ से आंवला और अश्वगंधा आयात के प्रति रुचि दर्शाते हुए नेपाल श्रीलंका और भारत को विश्व में हर्बल उद्योग की साझा शक्ति के रूप में संगठित करने की पैरवी की.
उन्होंने मध्य प्रदेश में हर्बल उत्पादन और गुणवत्ता नियंत्रण की प्रभावी एवं विश्वसीय प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि यदि श्रीलंका और नेपाल के हर्बल उद्योग भारत में मध्य प्रदेश, केरल छत्तीसगढ आदि राज्यों के साथ सहयोग का मंच स्थापित करें और विश्व हर्बल एवं प्राकृतिक औषधि बाजार में साझा शक्ति के रूप में उभरे.


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