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भेदभाव बरत रही सरकारः शिवरीज

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Shivraj singhनई दिल्ली, 23 जनवरीः मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केन्द्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर दलगत आधार पर राज्य के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि राज्य की विकास योजनाओं में बाधा डालने की कोशिश की गई तो वह सड़क पर उतर कर विरोध करेंगे.

चौहान ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, केन्द्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल और इससे पहले कृषि मंत्री शरद पवार से मुलाकात कर बिजली, खाद्यान्न, सूखा राहत जैसे मुद्दों पर केन्द्रीय स्तर पर हो रही विसंगतियों को दूर करने तथा वित्तीय पैकेज की मांग की.

गौरतलब है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के मुख्यमंत्रियों की बैठक में भाजपा एवं सहयोगी दलों की सरकार वाले राज्यों के साथ कांग्रेस नीत संप्रग सरकार द्वारा भेदभाव बरते जाने के आरोप लगाये गए और नाराजगी व्यक्त की गई.

प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद चौहान ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव निकट आता देखकर राजनीतिक कारणों से केन्द्रीय पूल से मध्यप्रदेश को मिलने वाली 376 मेगावाट बिजली की कटौती कर दी गई तथा केन्द्र सरकार के उपक्रम भारत हैवी इलैक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) द्वारा निर्माणाधीन अमरकंटक तथा विरसिंहपुर विद्युत परियोजनाओं को जानबूझ कर विलंबित कराया जा रहा है.

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि राज्य के 48 में से 37 जिले सूखे की चपेट हैं जिनमें अधिकांश जिले कई वर्षों से लगातार सूखाग्रस्त हैं. इससे वहां पेयजल चारा एवं खाद्यान्न पहुंचाने के लिए 1548 करोड़ रुपये की केन्द्रीय सहायता की तत्काल जरूरत है लेकिन केन्द्र ने राज्य में 119000 टन गेहूं की आवश्यकता की तुलना में महज 66220 टन गेंहू ही दिया गया है.

चौहान ने प्रधानमंत्री को बताया कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिये 1548 करोड़ रुपये की तात्कालिक योजना तथा 24244 करोड़ रुपये की दीर्धकालिक योजना को मंजूरी देना जरुरी है जिसमें सिंचाई परियोजनाओं के लिये 10800 करोड़ रुपये, सूखाग्रस्त क्षेत्रो में किसानों के लिये कर्ज माफी एवं बिजली बिल की माफी के लिये करीब 4000 करोड़ रुपये की योजना शामिल है.

चौहान ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री को साफ शब्दों में कहा है कि वे मध्यप्रदेश को खुले बाजार में बिक्री के लिये विदेशी लाल गेंहूं बिल्कुल नहीं दे बल्कि देसी गेंहूं उपलब्ध करायें. उन्होंने कहा कि यदि राज्य में लाल गेहूं भेजा गया तो उनकी रोटियां बनाकर प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री को भेजेगें.

मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री से मुलाकात के दौरान राज्य में कच्चे मकानों की संख्या महज दो प्रतिशत बढ़ाये जाने को गलत बताया तथा उनसे इस विषय में गौर कर खपरैल वाले मकानों को कच्चे मकान में गिनने और इंदिरा आवास योजना के तहत आवंटन बढाने की मांग की. चौहान ने गृहमंत्री से राज्य में पाकिस्तान से आये सिंधी विस्थापितों को भारतीय नागरिकता देने का हक राज्य सरकार को देने की मांग की. उन्होंने बताया कि गुजरात और राजस्थान सरकारों को केन्द्र यह हक पहले ही दे चुका है

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