सूचना का अधिकार नागरिकों का हथियार
भोपाल, 20 जनवरीः केंद्रीय सूचना आयुक्त ओपी .केजरीवाल ने आज कहा कि देश का प्रत्येक नागरिक सूचना के अधिकार को हथियार की तरह इस्तेमाल कर सकता है.
केजरीवाल ने आज यहां "सूचना के अधिकार" विषय पर माखन लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय तथा मध्यप्रदेश प्रशासन अकादमी द्वारा आयोजित कार्यशाला में यह बात कही.
उन्होंने कहा कि भारत अकेला ऐसा देश है जहां सूचना की प्राप्ति एक अधिकार है. शेष स्थानों पर यदि ऐसा कोई कानून है तो भी वह मात्र सूचना की स्वतंत्रता सुनिश्चित कराता है. यही कारण है कि आज तक देश में ऐसा कोई कानून नहीं बना जिसका इतने कम समय में इतना व्यापक असर पड़ा है.
सूचना आयुक्त ने बताया कि समस्या यह है कि सूचना के अधिकार के तहत दायर किए जाने वाले अधिकतर मामले जनहित के न होकर सरकारी अधिकारियों की निजी समस्याओं जैसे पदोन्नति व स्थानांतरण आदि के होते हैं.
केजरीवाल ने कहा कि गंगा एक्शन प्लान जैसे मामले जो कि जनहित से जुडे होते हैं. को सूचना के अधिकार के अंतर्गत लाना चाहिए. गंगा एक्शन प्लान में 15 वर्षों में 900 सौ करोड़ रुपये खर्च कर दिये गये.
जिसका उद्देश्य गंगा के पानी को स्नान योग्य बनाना था. इतने पैसे व समय खर्च करने के बावजूद गंगा एक्शन प्लान असफल हो गया. असफलता के क्या कारण हैं इसकी जानकारी जनता को होनी चाहिए.


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