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श्रीलंका को सीधा समर्थन नहीं दे रही है भारतीय नौसेना.एडमिरल मेहता

By Staff
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नयी दिल्ली 16 जनवरी .वार्ता. नौसेना अध्यक्ष एडमिरल सुरीश मेहता ने आज कहा कि श्रीलंका में लिबरेशन टाइगर्स आफ तमिल ईलम .लिट्टे. के सफाये के लिए भारतीय नौसेना कोई सीधी मदद नहीं दे रही है1 यहां गणतंत्र दिवस परेड केसिलसिले में आए राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडिटों से मिलने के बाद एडमिरल सुरीश मेहता ने संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा कि बेशक लिट्टे एक आतंकवादी संगठन है और भारत पडोसी देश की स्थिति को पैनी नजर से देख रहा है1 लेकिन उन्होंने कहा कि वहां का घटनाक्रम भारत के लिए खतरे की घंटी नहीं माना जा सकता1 यह पूछने पर कि क्या भारतीय नौसेना श्रीलंका को विद्रोहियों के सफाये के काम में मदद दे रही है. एडमिरल मेहता ने कहा..हम कोई सीधा समर्थन नहीं दे रहे हैं1 हम उनके तट पर अपनी गतिविधियों के बारे तथा अपने तट पर उनकी गतिविधियों के बारे में सूचना देकर समर्थन दे रहे हैं1.. श्रीलंका सरकार ने लिट्टे के साथ संघर्ष विराम समाप्त कर दिया है और वह विद्रोहियों के खिलाफ सघन अभियान चलाए हुए है1 इस अभियान में श्रीलंकाई सुरक्षा बलों को कामयाबी भी मिल रही है1 लिट्टे प्रमुख वी प्रभाकरण के घायल होने की खबरों से भी श्रीलंका सरकार का मनोबल ऊंचा है1 श्रीलंका के नौसेना प्रमुख वसंत करन्नगौडा ने कल दावा किया था कि भारतीय नौसेना की मदद से उन्होंने लिट्टे की रीढ तोड दी है और इस आतंकवादी संगठन की समुद्री शाखा सीटाइगर्स की सभी नौकाओं को तबाह कर दिया है1 श्री करन्नगौडा ने कोलम्बो पोस्ट से कहा कि लिट्टे का मुकाबला करने में भारतीय सहयोग बहुत कारगर साबित हुआ1 उन्होंने कहा..भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के साथ हम साल में चार बार द्विपक्षीय वार्ता कर रहे हैं और उनके साथ हम तालमेल से गश्त भी करते हैं

कौशिक समरेन्द्र लखमी1847वार्ता

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