2008 में भी वृद्धि करेगा एशिया प्रशांत: सं.रा.
संयुक्त राष्ट्र 10 जनवरी: संयुक्त राष्ट्र की एक ताजा आर्थिक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरीकी अर्थ व्यवस्था में मंदी के कारण अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक परिदृश्य में अनिश्चितता के बावजूद एशिया प्रशांत क्षेत्र की आर्थिक प्रगति दर 2008 में ऊंची बनी रहने की संभावना है.
संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (एशिया प्रशांत) रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र के देशों की अर्थ व्यवस्था बाहरी वातावरण की अनिश्चितता से निपटने के लिए तैयार हैं.
आयोग के मुख्य अर्थशास्त्री रवि रत्नायके ने बैंकाक में कल यह रिपोर्ट जारी की. उन्होंने कहा कि एशिया प्रशांत क्षेत्र की मुख्य शक्ति उसकी स्थूल आर्थिक सिंद्धांतों में निहित है.
क्षेत्र के देशों में निर्यात घटन, बाजार के उतार चढाव या मुद्रा स्फीति के दबावों से निपटने के लिए वैकल्पिक राजकोषीय एवं मौद्रिक नीतियां लागू करने में कोई कठिनाई नहीं होती है.
रिपोर्ट के अनुसार 2007 में एशिया में विकासशील देशों की आर्थिक वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रही है. इसके 2008 में 7.8 प्रतिशत रहने की संभावना है.


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