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विवादित लेखन केलिए तसलीमा को मांफ्ी मांग लेनी चाहिए .दासमुंशी

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    माल्दा 06 जनवरी .वार्ता. केन्द्रीय सूचना एंव प्रसारण मंत्री पि्रय रंजन दासमुंशी ने आज कहा कि बंगलादेश की विवादित लेखिका तसलीमा नसरीन को देश के मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने केलिए हाथ जोड कर माफ्ी मांग लेनी चाहिए

    श्री दासमुंशी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि भारत एक बहुलतावादी देश है जिसमें सभी धमोर्ं का सम्मान किया जाता है1 उन्होंने कहा कि वह खुद साहित्य पसंद करते है और उकना सुश्री तसलीमा की लेखनी से कोई विरोध नहीं है. लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वह अपनी लेखनी का इस्तेमाल दूसरों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए कर सकती हैं1.. उन्होंने कहा कि बंगलादेश का समाज या सरकार इस तरह के विवादित लेखन को बर्दाश्त नहीं कर सकते1 सुश्री नसरीन ने अपनी पुस्तक में जिस तरह की टिप्पणी की है. वह अनावश्यक है इसलिए उन्हें उन लोगोंं के सामने हाथ जोेडकर माफ्ी मांग लेनी चाहिए जिनकी धार्मिक भावनाओं को उन्होंने ठेस पहुंचायी है साथ ही उन्हें अपनी पुस्तक से विवादित अंश भी हटा देने चाहिए

    यह पूछे जाने पर कि क्या सुश्री नसरीन को पश्चिम बंगाल लौटने की इजाजत मिलेगी श्री दासमुंशी ने कहा .. कि वह इस बारे मेें कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते1 उन्होंने इस मौके पर राज्य की वाममोर्चा सरकार पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि राज्य सरकार ने यह सोचकर सुश्री नसरीन का कोलकाता में स्वागत किया था कि वह राज्य में विकास की कोई नयी बयार ला रही है

    उन्होंने कहा कि अब यह राज्य सरकार की सरदर्दी है. लेकिन यदि सुश्री नसरीन को भारत या किसी अन्य देश में रहना है. तो उन्हें इस देश की परम्पराओं और मूल्यों का सम्मान करना होगा

    मधूलिका रीता समरेन्द्र रामलाल1720वार्ता

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