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    न्यायालय चयन प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर सकते

    By Staff
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    नयी दिल्ली 01 जनवरी.वार्ता. उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि चयन समितियों के फैसले में न्यायालय हस्तक्षेप नही कर सकते बशर्ते इसमें किसी तरह की गडबडी न हो

    न्यायाधीश ए के माथुर और न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू की पीठ ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के 6 अक्टूबर 2006 के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें केन्द्रीय लोकसेवा आयोग के सदस्य सुबीर दत्ता और अन्य सदस्यों की समिति द्वारा प्रशासनिक सेवा के आठ पदों को कर्नाटक के गैर राज्यीय सरकारी आयोग के आठ अधिकारियों की पदोन्नति कर भरे जाने के फैसले को सही ठहराया गया था

    जिन अधिकारियों को इसके लिये नहीं चुना गया उन्होंने चयन समिति के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जिसे पीठ ने खारिज कर दिया

    पीठ ने अपने फैसले में कहा कि यह चयन समितियों के अधिकार क्षेत्र में है कि वह उम्मीदवारों के चयन के लिए अपने मानदंड तय करे1 इसमें अदालते तब तक हस्तक्षेप नहीं कर सकती जब तक चयन प्रक्रिया में किसी तरह की गडबडी न पायी जाए

    मधूलिका.अजय. प्रभु 1526वार्ता

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