बेनज़ीर सुपुर्दे-ख़ाक, भावभीनी विदाई
इसलामाबाद, 28 दिसंबरः पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री और देश में लोकतंत्र की प्रमुख स्तंभ समझी जाने वाली करिश्माई नेता बेनजीर भुट्टो का शुक्रवार शाम उनके पैतृक गांव गढी खुदा बख्श में पुश्तैनी कब्रगाह में पिता मरहूम जुल्फिकार अली भुट्टो की कब्र के पास ही सुपुर्दे खाक कर दिया गया.
पाकिस्तानी अखबार डान के अनुसार बेनजीर की अंतिम यात्रा उनके पुश्तैनी घर नौदेरो हाऊस से हजारों की संख्या में समर्थकों के साथ स्थानीय समयानुसार दिन में लगभग ढाई बजे शुरू हुई. लगभग दो घंटे तक चली शव यात्रा के बाद मौलवियों ने धार्मिक अनुष्ठान के साथ साढे चार बजे उनका अंतिम संस्कार किया.
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के हरे और काले रंग के झंडे से लपेटे गये उनके पार्थिव शरीर को सफेद रंग की कार पर ताबूत में रखा गया था. ताबूत के साथ ही उनके शौहर आसिफ अली जरदारी, बच्चे बिलाल, बख्तावर और आसिमा भी थे.
सैकडों वाहनों के काफिले और हजारों लोगों के हुजूम के साथ चल रहे इस कारवां में लोगों का गम छुपाये नहीं छुपता था. छाती पीटकर मातम मनाते और अल्ला हो अकबर के नारे लगाते गमजदा लोगों के बीच माहौल बेहद भावुक हो गया था.
आक्रोशित भीड राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को श्रीमती बेनजीर की हत्या का जिम्मेदार ठहराते हुये उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रही थी.


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