भाजपा के असंतुष्ट नेताओं को मना रहे मोदी
अहमदाबाद 27 दिसंबर: गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा के जो नेता नरेन्द्र मोदी के खिलाफ थे, अब उन सभी नेताओं से सुलह करने के प्रयास मोदी ने प्रारंभ कर दिए हैं.
इसके प्रारंभिक संकेत तब मिले थे जब 25 दिसंबर को मोदी ने पार्टी के वरिष्ठ और असंतुष्ट नेता केशुभाई पटेल से उनके घर जाकर मुलाकात की थी, हालांकि केशुभाई ने मोदी की विजय के बाद रविवार को स्वयं उन्हें बधाई दी थी और कहा था कि राज्य के हित के लिए सत्तापक्ष तथा विपक्ष को मिलकर काम करना चाहिए. इसके बाद बुधवार को मोदी पुन: केशुभाई पटेल से मुलाकात करने के लिए उनके घर गए.
ज्ञातव्य है कि पिछले सप्ताह ही भाजपा की ओर से केशुभाई को नोटिस जारी करके कहा गया था कि चुनावों के दौरान उन्होंने पार्टी के हितों को नुकसान पहुंचाया.
इससे पूर्व मंगलवार को केशुभाई पटेल के बेटे भरत पटेल ने मोदी का उनकी शानदार विजय पर बधाई दी थी. भरत ने बताया कि मुख्यमंत्री जब उनके घर आये तो वे राजकोट में थे. उन्होंने मोदी को बधाई देते हुए कहा कि वे उनसे मिलने उनके घर आयेंगे, जिस पर मोदी ने कहा कि उनके घर भरत पटेल का स्वागत है.
ज्ञातव्य है कि भाजपा की ओर से भरत पटेल को चुनाव लड़ने की पेशकश की गई थी, परंतु केशुभाई के पार्टी से असंतुष्ट होने के कारण उन्होंने इस पेशकश को ठुकरा दिया.
हालांकि भरत पटेल से नरेन्द्र मोदी तथा केशुभाई पटेल के मध्य सुलह की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने इस बारे में अभी कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया.
यहाँ तक कि चुनाव में मोदी के खिलाफ बगावत करने वाले विहिप के वरिष्ठ नेता अविचलदास महाराज भी उनके शपथ ग्रहण समारोह में शरीक हुए थे, तथा मोदी के अगले पाँच वर्षों तक सभी को साथ लेकर चलने की उम्मीद भी उन्होंने जताई है.
वहीं चुनाव के दौरान मोदी का विरोध करने वाले एक अन्य साधु शंभू महाराज ने कहा कि अविचलदास महाराज का मोदी से मिलने जाना गलत नहीं और विजय हासिल करने के बाद मोदी के व्यवहार में परिवर्तन आया है.


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